
सेना आधी, जीते हुए इलाकों से सेना वापसी और NO NATO... रूस वॉर रोकने के लिए जेलेंस्की क्या मानेंगे ये शर्तें?
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अमेरिका ने यूक्रेन को 28-बिंदुओं वाला एक शांति प्रस्ताव सौंपा है, जिसमें कथित तौर पर डोनबास क्षेत्र को सौंपने और सैन्य कटौती के बदले सुरक्षा गारंटी देने का आह्वान किया गया है. यूक्रेन की भागीदारी के बिना तैयार किए गए इस मसौदे ने यूरोप और कीव में तनाव बढ़ा दिया है.
यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका ने एक प्रमुख शांति योजना का मसौदा प्रस्तुत किया है, जिसमें यूक्रेन से कुछ रियायतें देने का आग्रह किया गया है. युद्ध के मैदान में चुनौतियों और राजनीतिक उथल-पुथल का सामना कर रहे कीव के लिए इस योजना ने तनाव बढ़ा दिया है, जबकि यूरोपीय सहयोगियों ने भी इस पर चिंता जताई है.
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की अब इस विवादास्पद प्रस्ताव पर वाशिंगटन के साथ बातचीत करेंगे. दरअसल अमेरिका ने औपचारिक रूप से यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की को 28-बिंदुओं वाला एक व्यापक मसौदा शांति प्रस्ताव सौंपा है, जिसका उद्देश्य लगभग चार साल से चल रहे रूस के साथ युद्ध को तेज़ी से समाप्त करना है.
यूक्रेन की भागीदारी के बिना तैयार किए गए इस प्रस्ताव ने कीव और यूरोपीय नेताओं के बीच चिंता पैदा कर दी है, हालांकि ज़ेलेंस्की ने न तो इसका समर्थन किया है और न ही इसे अस्वीकार किया है.
ट्रंप से बात करेंगे जेलेंस्की
दस्तावेज से परिचित लोगों के अनुसार, इस योजना में अमेरिका से सुरक्षा गारंटी के बदले में यूक्रेन को पूर्वी डोनबास क्षेत्र को सौंपना और अपने सशस्त्र बलों के आकार को कम करना शामिल हो सकता है. हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने जोर दिया कि किसी भी अंतिम समझौते के लिए केवल यूक्रेन ही नहीं, बल्कि मॉस्को और कीव दोनों से समझौता करना आवश्यक होगा.
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लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

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