
सेनारी नरसंहारः घरों से बाहर खींचकर बारी-बारी से काटे गले, फिर चीर दिए थे सबके पेट
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ये खौफनाक वारदात बिहार के जहानाबाद जिले की है. जहां सेनारी गांव में एक साथ 3 दर्जन से ज्यादा लोगों को बेरहमी के साथ कत्ल कर दिया गया था. ये वो दौर था, जब बिहार के उस इलाके में लोगों का एक ही मकसद था, बदला.
बिहार के बहुचर्चित सेनारी हत्याकांड के 13 दोषियों को पटना हाईकोर्ट ने शुक्रवार को बरी कर दिया. अश्विनी कुमार सिंह और अरविंद श्रीवास्तव की खंडपीठ ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए सभी को फौरन रिहा करने का फरमान सुना दिया. अदालत के इस फैसले से एक बार फिर सेनारी गांव का नरसंहार सुर्खियों में आ गया. लेकिन अभी भी कई लोग हैं, जो नहीं जानते कि आखिर ये पूरा मामला क्या था? ये था पूरा मामला ये खौफनाक वारदात बिहार के जहानाबाद जिले की है. जहां सेनारी गांव में एक साथ 3 दर्जन से ज्यादा लोगों को बेरहमी के साथ कत्ल कर दिया गया था. ये वो दौर था, जब बिहार के उस इलाके में लोगों का एक ही मकसद था, बदला. दरअसल, ये सारा मामला भूमिहार जाति और भूमिहीनों के बीच की उपज था. भूमिहार सारी जमीनों पर कब्जा कर रहे थे और भूमिहीन उन पर खेती करना चाहते थे. भूमिहार कहते थे कि ये सारी जमीनें उन लोगों ने खरीदी हैं. जबकि भूमिहीन बताते थे कि सारी जमीनें धोखे से छीनी गई हैं. लोगों को विश्वास में लेकर मूर्ख बनाया.
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