
सुप्रिया सुले के साथ रक्षाबंधन मनाएंगे? महाराष्ट्र डिप्टी CM अजित पवार ने दिया ये जवाब
AajTak
अजित पवार पत्रकारों से बात करते हुए इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या जय को उनके समर्थकों की मांग के अनुसार बारामती से मैदान में उतारा जाएगा. उन्होंने कहा, "यह लोकतंत्र है. मुझे इसमें (चुनाव लड़ने में) कोई दिलचस्पी नहीं है, क्योंकि मैंने सात या आठ चुनाव लड़े हैं. अगर लोग और समर्थक ऐसा सोचते हैं, तो (एनसीपी) संसदीय बोर्ड इस पर चर्चा करेगा."
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार ने गुरुवार को कहा कि यह उनकी पार्टी को तय करना है कि उनका बेटा जय पवार बारामती विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेगा या नहीं. लंबे समय से बारामती सीट से चुनते आ रहे अजित पवार ने कहा कि उन्हें अब चुनाव लड़ने में रुचि नहीं है. हालांकि इसके बाद महाराष्ट्र एनसीपी प्रमुख सुनील तटकरे ने कहा कि अजित पवार ने यह नहीं कहा कि वह आगामी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे.
दरअसल, अजित पवार पत्रकारों से बात करते हुए इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या जय को उनके समर्थकों की मांग के अनुसार बारामती से मैदान में उतारा जाएगा. उन्होंने कहा, "यह लोकतंत्र है. मुझे इसमें (चुनाव लड़ने में) कोई दिलचस्पी नहीं है, क्योंकि मैंने सात या आठ चुनाव लड़े हैं. अगर लोग और समर्थक ऐसा सोचते हैं, तो (एनसीपी) संसदीय बोर्ड इस पर चर्चा करेगा."
अजीत पवार ने आगे कहा कि अगर संसदीय बोर्ड और लोगों को लगता है कि जय को मैदान में उतारा जाना चाहिए, तो एनसीपी उन्हें मैदान में उतारने के लिए तैयार है.
गौरतलब है कि उनके बड़े बेटे पार्थ पवार ने 2019 में मावल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन भारी अंतर से हार गए थे. यह पूछे जाने पर कि क्या वह अपनी चचेरी बहन और प्रतिद्वंद्वी एनसीपी (शरदचंद्र पवार) सांसद सुप्रिया सुले के साथ रक्षाबंधन मनाएंगे, अजीत ने कहा कि वह फिलहाल राज्य के दौरे पर हैं और किसी जगह अपनी सभी बहनों से मिलेंगे. उन्होंने कहा, "अगर सुप्रिया सुले उस जगह पर होंगी, जहां मैं हूं, तो मैं उनसे मिलूंगा."
उन्होंने अपने और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच मतभेदों के बारे में मीडिया रिपोर्टों को भी खारिज करने की कोशिश की और कहा कि दोनों सफलतापूर्वक एक साथ काम कर रहे हैं. राज्य की महिलाएं पहली किस्त 1,500 रुपये मिलने से खुश हैं. पवार ने कहा कि 'लड़की बहन' योजना के तहत 35 लाख महिलाओं के खातों में पैसे जमा किए गए हैं.
बारामती लोकसभा सीट पर सुप्रिया सुले के खिलाफ अपनी पत्नी सुनेत्रा को मैदान में उतारना एक गलती थी, इस बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा कि वह इस बारे में पहले ही बात कर चुके हैं. उन्होंने कहा, "मैं ऐसा व्यक्ति नहीं हूं जो किसी व्यक्ति पर टिप्पणी करता हो. मेरे मन में जो आता है, मैं बोल देता हूं और इसमें किसी तरह की आलोचना करने की जरूरत नहीं है."

नितिन नबीन बीजेपी के सबसे युवा अध्यक्ष हैं. पीएम मोदी ने आज नितिन नबीन को मिलेनियल बताया. नितिन नबीन के लिए 2026 की चुनावी चुनौती बड़ी है, क्योंकि बंगाल, केरल, और तमिलनाडु में बीजेपी कभी सत्ता में नहीं रही. 2027 में यूपी का भी चुनाव है. सवाल है कि क्या नितिन नबीन के युवा नेतृत्व का जोश, क्या विपक्ष को और मुसीबत में डालने वाला है? देखें हल्ला बोल.

अहमदाबाद के घाटलोडिया इलाके में नेशनल स्कूल के बाहर दसवीं के छात्र पर जानलेवा हमला हुआ है. परीक्षा खत्म होने के तुरंत बाद 8 से 10 हमलावरों ने छात्र को घेर लिया और उसे स्कूल से लगभग 50 मीटर दूर तक घसीट कर चाकू, पाइप और लकड़ी से बेरहमी से मारा. इस मामले में स्कूल के चार छात्र और उनके साथी शामिल हैं. पुलिस ने बताया कि यह हमला पुरानी रंजिश के कारण हुआ है.

जम्मू-कश्मीर के किश्तवार जिले में ऑपरेशन त्राशी-1 के दौरान सुरक्षा बलों ने आतंकियों की छिपने की जगह का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है. यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के तहत किया गया जिसमें आतंकियों को पकड़ने और उन्हें मार गिराने के उद्देश्य से सुरक्षा बल सक्रिय थे. इस अभियान में आतंकियों के छिपने के स्थान का पता चलने से इलाके में सुरक्षा अभी और सख्त हो गई है.

प्रयागराज माघ मेला प्राधिकरण ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य पद के दावे पर नोटिस जारी किया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के अक्टूबर 2022 के आदेशों का हवाला दिया गया है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि नोटिस सुप्रीम कोर्ट की अवमानना है और उन्होंने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है.

कोर्ट ने पारदर्शी और जवाबदेह प्रणाली बनाने पर जोर दिया ताकि बिना नसबंदी वाले कुत्तों की रिपोर्टिंग हो सके. 28 जनवरी को सरकारों की ओर से सॉलिसिटर जनरल अपनी दलीलें प्रस्तुत करेंगे. कोर्ट ने एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट के पॉडकास्ट पर नाराजगी जताई और मामले की गंभीरता को रेखांकित किया. ये सुनवाई आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.








