
सीजफायर वार्ता को मुश्किल में डाल सकती है कतर में इजरायल की बमबारी, अमेरिका बोला- हमने पहले ही आगाह कर दिया था!
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ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि उसे कतर में हमास वार्ताकारों पर इजरायल के हमले की पहले से जानकारी थी, लेकिन उसने इस कदम का विरोध किया. कतर, जो गाजा युद्ध में संघर्षविराम वार्ता का अहम मध्यस्थ रहा है, उसकी राजधानी दोहा में इस हमले में हमास के पांच सदस्य और एक कतरी सुरक्षा अधिकारी मारे गए, जबकि मुख्य वार्ताकार टीम बच गई.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने पुष्टि की है कि उसे कतर में हमास वार्ताकारों पर इजरायल के हमले की पहले से सूचना दी गई थी, लेकिन उसने इस फैसले से सहमति नहीं जताई. मंगलवार को यह बयान उस हमले के कुछ घंटे बाद आया, जिसमें कतर की राजधानी दोहा के एक रिहायशी इलाके को निशाना बनाया गया था.
सीजफायर वार्ता का अहम केंद्र रहा है कतर
कतर, गाजा युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका समर्थित संघर्षविराम वार्ता का एक अहम मध्यस्थ रहा है. व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलीन लेविट ने बताया कि अमेरिका को इस हमले की जानकारी दी गई थी. उन्होंने कहा, 'ट्रंप प्रशासन को अमेरिकी सेना ने सूचित किया था कि इजरायल हमास पर हमला कर रहा है, जो दुर्भाग्य से दोहा के एक इलाके में मौजूद था.'
उन्होंने आगे कहा, 'कतर जैसे संप्रभु देश और अमेरिका के करीबी सहयोगी, जो शांति स्थापित करने में हमारे साथ कड़ी मेहनत कर रहा है और जोखिम उठा रहा है, पर एकतरफा बमबारी करना न तो इजरायल के हित में है और न ही अमेरिका के. हालांकि, हमास का खात्मा करना, जिसने गाजा के लोगों की तकलीफ से फायदा उठाया है, निश्चित रूप से एक सही मकसद है.'
'ट्रंप ने दिए थे कतर सरकार को आगाह करने के निर्देश'
लेविट ने बताया कि ट्रंप ने अपने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ को निर्देश दिया कि वे कतर सरकार को 'हमले की पूर्व सूचना' दें. उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप ने हमले के बाद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की, लेकिन यह नहीं बताया कि उन्होंने किसी तरह की कार्रवाई की धमकी दी या नहीं. लेविट के मुताबिक, ट्रंप का मानना है कि यह 'दुर्भाग्यपूर्ण घटना शांति का अवसर भी बन सकती है.'

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