
सियासत ही नहीं रियल एस्टेट के भी मंझे खिलाड़ी थे बाबा सिद्दीकी, ऐसे खड़ा किया बिजनेस
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बाबा सिद्दीकी के 2014 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनकी संपत्ति लगभग ₹76 करोड़ थी. उनकी संपत्ति में इजाफा लगातार हो रहा था. उदाहरण के तौर पर 2009 में उनकी संपत्ति लगभग ₹23 करोड़ थी, जो 2014 में दो गुना हो गई.
मुंबई में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद से हड़कंप है. पुलिस कई एंगल से इस मामले की जांच कर रही है. बाबा सिद्दीकी न सिर्फ राजनीतिक रसूख की वजह से चर्चा के केंद्र में रहते थे बल्कि उनकी बॉलीवुड में पकड़ और रियल एस्टेट के बिजनेस में दिलचस्पी के चलते भी वह चर्चा में बने रहते थे. बाबा सिद्दीकी के 2014 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनकी संपत्ति लगभग ₹76 करोड़ थी. उनकी संपत्ति में इजाफा लगातार हो रहा था. उदाहरण के तौर पर 2009 में उनकी संपत्ति लगभग ₹23 करोड़ थी, जो 2014 में दो गुना हो गई. सिद्दीकी ने 2019 के चुनावों में भाग नहीं लिया था लेकिन उनके बेटे जीशान ने 2019 में ₹9 करोड़ की संपत्ति घोषित की थी.
1995 में शुरू की सियासी पारी
बाबा सिद्दीकी ने 1995 में BMC से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की. 1999 में वे बांद्रा से विधायक बने. लेकिन जैसे-जैसे मुंबई में रियल एस्टेट का बोलबाला शुरू हुआ बांद्रा लोगों की पहली पसंद बनने लगा. सिद्दीकी ने भी रियल एस्टेट में दिलचस्पी दिखाई.
रियल एस्टेट में उतरे बाबा सिद्दीकी
2004 में बाबा सिद्दीकी ने अपनी कंस्ट्रक्शन फर्म जियर्स डेवलपर्स प्राइवेट लिमटेड खोली. उनका एक प्रमुख प्रोजेक्ट लिंकिंग रोड पर स्थित लिंक स्क्वायर मॉल था. 16वीं रोड, बांद्रा में उन्होंने एक पुरानी सोसायटी प्लॉट का पुनर्विकास किया और एक आवासीय टॉवर 'शिव-अस्थान हाइट्स' का निर्माण किया. पाली नाका के पास सिद्दीकी ने एक हाईराइज बिल्डिंग बनाई.
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