
सिमी का पूर्व आतंकी गिरफ्तार, UAPA समेत तीन मामलों में था दोषी, 2019 में ISIS से किया था संपर्क
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कोलकाता एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किया गया संदिग्ध आतंकवादी पहले तीन गंभीर अपराधों में शामिल था. जिनमें से मध्य प्रदेश में दो मामलों में उस पर UAPA अधिनियम के तहत आरोप लगाया गया था. वह उग्रवादी संगठन सिमी से जुड़ा था. मध्य प्रदेश के खंडवा निवासी अब्दुल रकीब कुरैशी नाम के गिरफ्तार आरोपी को कल कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने गिरफ्तार किया था.
पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले से पकड़े गए ISIS के दो संदिग्ध आरोपियों से पूछताछ के बाद एक आरोपी को मध्य प्रदेश के खांडवा से गिरफ्तार किया गया है. एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किया गया संदिग्ध आतंकवादी पहले तीन गंभीर अपराधों में शामिल था. जिनमें से मध्य प्रदेश में दो मामलों में उस पर UAPA अधिनियम के तहत आरोप लगाया गया था. वह उग्रवादी संगठन सिमी से जुड़ा था. मध्य प्रदेश के खंडवा निवासी अब्दुल रकीब कुरैशी नाम के गिरफ्तार आरोपी को कल कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने गिरफ्तार किया था.
पुलिस सूत्र का दावा है कि इससे पहले वह तीन बड़े मामलों में दोषी करार दिया जा चुका है. जिनमें से वह दो जघन्य अपराधों में दोषी ठहराया जा चुका है और वर्षों तक जेल में बंद रहा है. उसे तीसरे मामले में भी दोषी ठहराया गया था और 2019 में जमानत दे दी गई थी. रिहा होने के बाद उसने फिर से आईएसआईएस मॉड्यूल से संपर्क किया. वह ISIS के दो संदिग्ध आतंकवादियों के सक्रिय संपर्क में था, जिन्हें कोलकाता पुलिस एसटीएफ ने पिछले शुक्रवार को गिरफ्तार किया था.
सिमी से जुड़े हैं तार
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद एसटीएफ अधिकारियों को इस साथी के बारे में पता चला जो सिमी का पूर्व कार्यकर्ता है. एसटीएफ की एक टीम ने मध्य प्रदेश जाकर स्थानीय थाने की मदद से छापा मारा और अब्दुल रकीब कुरैशी को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया. उसके पास से एक मोबाइल फोन, एक पेन ड्राइव और कुछ आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई.
बुधवार को होगी अदालत में पेशी
बता दें कि एसटीएफ उसे आज रात कोलकाता में रख रही है और बुधवार को अदालत में पेश करेगी. एसटीएफ के सूत्र का दावा है कि गिरफ्तार किए गए सभी आतंकी ISIS के पांचवें प्रमुख शेख अबुल हुसैन अल हुसैनी के अनुयायी थे. कोलकाता पुलिस एसटीएफ के सूत्र का भी दावा है, गिरफ्तार मो. सद्दाम के लैपटॉप और मोबाइल में हत्या के कई वीडियो मिले हैं. सद्दाम ने विदेश जाने के लिए पासपोर्ट बनवाया था. सद्दाम आत्मघाती दस्ते के बारे में खास जानकारी मांग रहा था. गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी सद्दाम पिछले दो साल से आईएसआईएस के संपर्क में है. उसने अपनी नौकरी खो दी, हालांकि उसके परिवार के सदस्यों को पता था कि वह घर से काम कर रहा है.

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