
'सभापति धनखड़ कभी खुद को RSS का एकलव्य बताते हैं, कभी सरकार की शान में पढ़ने लगते हैं कसीदे', INDIA ब्लॉक की पीसी में बोले खड़गे
AajTak
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने अविश्वास प्रस्ताव पर अफसोस व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान को अंगीकार किए जाने के 75 साल पूरे होने पर हमें यह प्रस्ताव लाना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि सभापति विपक्षी दलों के साथ पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाते हैं. कभी वह खुद को आरएसएस का एकलव्य बताने लगते हैं तो कभी प्रवचन करने लगते हैं.
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने को लेकर विपक्षी इंडिया ब्लॉक के नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने देश के पहले उपराष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन को याद किया. खड़गे ने कहा कि सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने कहा था कि मैं किसी भी दल का नहीं हूं. लेकिन अफसोस है कि संविधान को अंगीकार किए जाने के 75वें वर्ष में हमें राज्यसभा के सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना पड़ रहा है.
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभापति जगदीप धनखड़ का आचरण पद की गरिमा के अनुकूल नहीं है. कभी वह सरकार की शान में कसीदे पढ़ने लगते हैं तो कभी खुद को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का एकलव्य बताते हैं. विपक्षी दलों के साथ उनका व्यवहार पक्षपातपूर्ण रहता है.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.











