
सबसे बड़ी रिफाइनरी बंद, सबसे बड़ा गैस प्लांट ठप... ईरान ने सऊदी-कतर की 'ताकत' को किया तबाह
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ईरान ने अपने जवाबी हमले से खाड़ी के देशों की इकोनॉमी की कमर तोड़नी शुरू कर दी है. इसके लिए ईरान सऊदी और कतर जैसे देशों के एनर्जी प्रोडक्शन को टारगेट कर रहा है. ईरानी हमले की वजह से सऊदी और कतर ने अपने प्रमुख एनर्जी प्लांट में उत्पादन बंद कर दिया है. इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ना तय है.
ईरान जंग के तीसरे दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन ईरान का इंतकाम और भी क्रूर और घातक होता जा रहा है. ईरान ने जंग के तीसरे दिन पश्चिम एशिया में उस सेक्टर पर हमला किया है जो खाड़ी देशों की रीढ़ है और जिसके दम पर गल्फ की समृद्धि है. ईरान जान बूझकर खाड़ी देशों के एनर्जी सेक्टर पर हमला कर उसे पंगू बना रहा है. इसी रणनीति के तहत ईरान ने सोमवार को विश्व के दो मेगा ऑयल और गैस प्लांट पर हमला कर उसे बंद करने पर मजबूर कर दिया है.
ईरान ने दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी में से एक सऊदी अरामको पर भीषण हमला किया है. ये हमला इतना भीषण है कि सऊदी अरामको ने प्रोडक्शन बंद करने की घोषणा की है. इसके अलावा ईरान ने कतर की इकोनॉमी के बैकबोन LNG प्रोडक्शन प्लांट पर प्रचंड हमला किया है और उसे भी ठप कर दिया है.
दिग्गज सऊदी कंपनी अरामको में क्या हुआ?
मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बीच ईरान ने सऊदी अरब और कतर की प्रमुख एनर्जी सेंटर पर ड्रोन हमले करके तहलका मचा दिया है. ईरान की जवाबी कार्रवाई उम्मीदों से परे और दायरे से बढ़कर लगती है.
ईरान ने 2 मार्च को सऊदी अरब की कंपनी अरामको के रास तनूरा (Ras Tanura) रिफाइनरी पर शाहेद ड्रोन्स से हमला किया. रास तनूरा सऊदी अरब की सबसे बड़ी और दुनिया की प्रमुख रिफाइनरियों में से एक है. इस रिफाइनरी की रिफाइनिंग क्षमता लगभग 5,50,000 बैरल प्रतिदिन है. यानी कि ये रिफाइनरी रोज 550,000 बैरल तेल का उत्पादन कर सकती है. अगर लीटर में देखें तो ये रिफाइनरी 8 करोड़ 74 लाख 43 हजार 12 लीटर तेल का रोजाना प्रोडक्शन करती है.
ईरानी हमले के बाद सऊदी अरामको ने इसे एहतियाती तौर पर बंद कर दिया है. सऊदी रक्षा मंत्रालय के अनुसार दो ड्रोन को रोका गया, लेकिन इसका मलबा गिरने से आग लग गई तो अब कंट्रोल में है.

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