
सऊदी अरब से दान में चावल की बोरियां लेकर लौटे इमरान खान, विपक्ष ने घेरा
AajTak
प्रधानमंत्री इमरान खान की यात्रा के बाद सऊदी अरब से जकात के तौर पर मिले चावल को लेकर पाकिस्तान में अब नया विवाद छिड़ गया है. सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के जाने-माने लोगों के सवाल उठाए जाने के बाद सऊदी से दान में मिले चावल को लेकर विपक्ष ने भी इमरान खान की सरकार को घेरा है.
प्रधानमंत्री इमरान खान की यात्रा के बाद सऊदी अरब से जकात के तौर पर मिले चावल को लेकर पाकिस्तान में अब नया विवाद छिड़ गया है. सऊदी अरब की मदद मुहैया कराने वाली एजेंसी 'किंग सलमान ह्यूमैनिटेरीअन एड एंड रिलीफ सेंटर' ने हाल ही में जकात अल फितर प्रोजेक्ट के तहत पाकिस्तान को 19,032 बोरी यानी 440 टन चावल मुहैया कराने का ऐलान किया था. यह चावल पाकिस्तान के पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में वितरित किया जा रहा है. (फोटो-Getty Images) सऊदी अरब से मिले चावल को प्रांतीय सरकार के जरिये नौ जिलों के 114,192 लाभार्थियों में बांटा जा रहा है. पंजाब प्रांत के लाहौर, फैसलाबाद, साहिवाल और खानेवाल और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के लक्की मरवत, टैंक, बाजौर, लोअर डर तथा डेरा इस्माइल खान जिले में चावल वितरित किया जा रहा है. (फोटो-Getty Images)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.

आज यु्द्ध का 24वां दिन है. इजरायल पर ईरान और जवाब में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर ताबड़तोड़ हमले जारी हैं. इस बीच सवाल ये कि क्या डोनाल्ड ट्रंप हॉर्मुज पर फंस गए हैं. ट्रंप के बार-बार बदलते बयानों से लग रहा है कि जंग छेड़ने से पहले हॉर्मुज को लेकर ट्रंप सोच नहीं पाए थे. देखें कैसे बदलते जा रहे ट्रंप के बयान.











