
सऊदी अरब ने नहीं लगाया भारतीयों पर यात्रा प्रतिबंध! हज को देखते हुए किया बस ये काम
AajTak
ऐसी रिपोर्टें आ रही थीं कि सऊदी अरब ने भारतीयों पर वीजा बैन लगा दिया है. लेकिन अब बताया जा रहा है ये अस्थायी प्रतिबंध है जो केवल कुछ वीजा पर है. यह कदम हज सीजन को देखते हुए उठाया गया है ताकि कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति हज न कर सके.
हाल ही में खबर आई कि सऊदी अरब ने भारत समेत 14 देशों के लोगों को कुछ तरीके के वीजा जारी करने पर रोक लगा दी है. इसके बाद ऐसी रिपोर्टें आने लगी कि भारतीयों के लिए सऊदी अरब की यात्रा पर प्रतिबंध लग गया है. लेकिन ये रिपोर्टें पूरी तरह से गलत हैं क्योंकि सऊदी सरकार ने इस मामले में कोई नॉटिफिकेशन जारी नहीं किया है. हज के दौरान सऊदी अरब अकसर भीड़भाड़ को देखते हुए अल्पकालिक वीजा पर अस्थायी प्रतिबंध लगा देता है और हज खत्म होते ही ये प्रतिबंध हटा दिए जाते हैं.
हालांकि, ये यात्रा प्रतिबंध उन लोगों पर नहीं लगा है जो हज वीजा पर हज के लिए सऊदी अरब गए हैं. सऊदी अरब के इस कदम का उद्देश्य हज सीजन में मक्का और मदीना में अनाधिकृत लोगों के प्रवेश करने और उन्हें बिना हज परमिट हज से रोकना है.
बताया जा रहा है कि भारतीयों के सऊदी का वीजा मिलने पर लगा अस्थायी प्रतिबंध जून के मध्य तक जारी रहेगा जब तक कि हज पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता.
इन वीजा पर सऊदी ने लगाया है टेंपररी बैन
सऊदी अरब ने भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत 14 देशों के लोगों को उमराह, बिजनेस और फैमिली विजिट वीजा जारी करने पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया है. दरअसल, हज सीजन में हज परमिट न मिलने पर इन वीजा के जरिए सऊदी अरब पहुंच जाते थे और अनाधिकृत रूप से मक्का में हज करते थे.
पिछले साल अनाधिकृत रूप से बड़ी संख्या में लोगों ने हज किया था. भयंकर गर्मी और ताप से तब 1,300 से अधिक हाजियों की जान चली गई.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.

कोलंबिया और वेनेज़ुएला की सीमा के पास एक जेट विमान अचानक लापता हो गया. यह विमान फ्लाइट नंबर NSE 8849 थी जो कुकुटा से ओकाना की ओर जा रही थी. इस विमान ने सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर उड़ान भरी थी लेकिन लैंडिंग से पहले ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. राडार से इस विमान का अचानक गायब होना चिंता का विषय है.

वेनेजुएला में मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब डॉनल्ड ट्रंप का आत्मविश्वास आसमान छू रहा है। कूटनीति के गलियारों में चर्चा है कि ट्रंप के मुंह 'खून लग गया है' और अब उनकी नज़रें क्यूबा और ईरान पर टिक गई हैं... और अब वो कह रहे हैं- ये दिल मांगे मोर...। ट्रंप की रणनीति अब सिर्फ दबाव तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सीधे सत्ता परिवर्तन के खेल में उतर चुके हैं। क्या क्यूबा और ईरान ट्रंप की इस 'मोमेंटम' वाली कूटनीति का मुकाबला कर पाएंगे?








