
संघ के 100 साल: जब जिन्ना के हत्यारे दोस्त के बदले पाकिस्तान से छुड़ाए गए 20 स्वयंसेवक
AajTak
मोहम्मद अली जिन्ना के एक दोस्त ने दिल्ली में दंगों के दौरान एक बड़े सर्जन डॉ एनसी जोशी को गोली मार दी थी. वो जेल में बंद था. लगभग इसी समय पाकिस्तान ने 20 स्वयंसेवकों को कराची में अरेस्ट कर लिया था. फिर शुरू हुई एक कोशिश कैदियों के अदला-बदली की. RSS के 100 सालों के सफर की 100 कहानियों की कड़ी में आज पेश है वही कहानी.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और सरदार वल्लभ भाई पटेल के रिश्तों को लेकर तमाम व्याख्याएं होती रही हैं. ये सच है कि उन्होंने ही संघ पर प्रतिबंध लगाया था पर ये भी सच है कि वो संघ की काफी तारीफ भी करते थे. संघ में उनके तार गुरु गोलवलकर से ही सबसे ज्यादा जुड़े थे. लेकिन बंटवारे के दौरान एक ऐसा वाकया आया कि गुरु गोलवलकर के साथ मिलकर सरदार पटेल ने आजाद भारत में कैदियों की शायद सबसे पहली अदला-बदली करवाई.
बंटवारे के बाद भारत और पाकिस्तान दोनों जगह कत्लेआम मचा हुआ था. सिंध और पश्चिमी पंजाब पहुंचते ही मुस्लिमों के समूहों ने अपने स्थानीय रिश्तेदारों की मदद से वहां हिंदुओं का कत्लेआम शुरू कर दिया, घरों पर कब्जा करना भी. उनका बदला लेने के लिए भारत के कुछ इलाकों में भी ऐसा ही कत्लेआम शुरू हो गया.
जब सारे अल्पसंख्यकों के स्थानांतरण की बात हुई, तो नेहरू और जिन्ना दोनों ने ही इस विचार को खारिज कर दिया और वायदा किया कि हम अपने-अपने अल्पसंख्यकों पर आंच नहीं आने देंगे. माहौल खराब देखकर उन दिनों लाहौर में पंजाबी फिल्मों के सुपरस्टार प्राण ने अपने परिवार को इंदौर में रिश्तेदार के यहां छोड़ा और वापस आए तो उनका पूरा घर जलता हुआ मिला. उन्होंने कभी पाकिस्तान ना जाने की कसम खा ली और निभाई भी.
आडवाणी बना रहे थे कराची में बम?
1 फरवरी 2022 को पाकिस्तान के अखबारों में एक खबर छपी कि 10 सितम्बर 1947 का शिकारपुर (कराची) बम कांड केस फिर से खोला जाएगा. इन खबरों के मुताबिक, पाकिस्तान के होम डिपार्टमेंट और हाईकोर्ट में उस केस की फाइल के मुताबिक, 10 सितम्बर को दोपहर 3 बजे, कराची की शिकारपुर कॉलोनी में आरबी तोताराम के मकान में एक विस्फोट हुआ था. रंगा हरि अपनी किताब ‘द इनकम्पेरेबल गुरु गोलवलकर’ में इसे संघ कार्यालय बताते हैं. पाकिस्तानी अखबारों ने 2022 में छापा कि पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक लाल कृष्ण आडवानी और संघ के कुछ स्वयंसेवक उस घर की पहली मंजिल पर बम बना रहे थे. बम फट गया और 1 व्यक्ति की मौत हो गई. कराची की पुलिस ने उस घर में RSS से जुड़ा साहित्य बरामद होने की बात अपनी रिपोर्ट में लिखी थी.
पाकिस्तान की सरकार ने इसे जिन्ना और पीएम लियाकत अली खान की हत्या की साजिश करार दिया. इन रिपोर्ट्स के मुताबिक 7 दिन बाद एक ट्रिब्यूनल गठित हुआ और 1 साल बाद उसने दो अभियुक्तों खानचंद गोपाल दास और नंद बदलानी को सजा सुनाई लेकिन लाल कृष्ण आडवाणी आदि का केस ही पेंडिग में चला गया था. ‘डॉन’ ने गांधी और RSS को भी जोड़ दिया बम कांड से

अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस,इजरायल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले की गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है. मेन टारगेट न्यूक्लियर साइट्स (फोर्डो, नंटाज, इस्फाहान), IRGC कमांडर्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रीज और स्ट्रैटेजिक बेस हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनों और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर धमकी दी है, लेकिन अभी हमला नहीं हुआ. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.







