
श्रीलंका हिंसा की चपेट में, महिंदा राजपक्षे के पैतृक घर को भीड़ ने फूंक डाला
AajTak
हंबनटोटा में राजपक्षे परिवार के पैतृक घर 'मेदामुलाना वालवा' में प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दी. आग से घर पूरी तरह जल गया. घटना के वीडियो वायरल हो रहे हैं.
आर्थिक संकट से जूझ रहा श्रीलंका अब हिंसा की चपेट में आता देखा जा रहा है. सोमवार को प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के इस्तीफा के बाद भी भीड़ की नाराजगी कम होती नहीं देखी जा रही है. हिंसक भीड़ ने महिंदा राजपक्षे के पूर्वजों के घर को आग लगाकर फूंक डाला.
हंबनटोटा में राजपक्षे परिवार के पैतृक घर 'मेदामुलाना वालवा' में प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दी. आग से घर पूरी तरह जल गया. घटना के वीडियो वायरल हो रहे हैं. इसमें घर के अंदर आग लगी देखी जा रही है. इसके अलावा, नेगोंबो में एवेनरा गार्डन होटल हमले में एक लेम्बोर्गिनी समेत कई वाहन नष्ट हो गए.
MEDAMULLANA SET ON FIRE 🔥 The ancestral home of the Rajapaksa family in Medamullana, Hambantota set on fire by protesters. #lka #SriLankaEconomicCrisis #SriLankaCrisis pic.twitter.com/llDnvcMIGu
सांसद और पूर्व मंत्री के घर भी भीड़ ने जलाए
इससे पहले उग्र भीड़ ने माउंट लवीनिया इलाके में सोमवार को पूर्व मंत्री जॉनसन फर्नांडो और सांसद सनथ निशांत के घर में आग लगा दी थी. कर्फ्यू के बावजूद कोलंबो की सड़कों पर हजारों की संख्या में भीड़ देखी जा रही है और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है. उग्र भीड़ महिंदा राजपक्षे के समर्थकों को एक-एक कर निशाना बना रही है.

कराची के गुल प्लाजा शॉपिंग मॉल में शनिवार रात लगी भीषण आग पर रविवार रात 10 बजे के बाद काबू पा लिया गया है. सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने इस दुखद घटना में एक दमकलकर्मी सहित 6 लोगों की मौत की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि राहत और बचाव कार्य के बीच 50 से 60 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश की जा रही है.

दुनिया में युद्ध का शोर बढ़ रहा है और शांति कमजोर पड़ रही है. अमेरिका ईरान को लेकर सख्त है जबकि ग्रीनलैंड को लेकर अपनी ताकत दिखा रहा है. रूस और यूक्रेन की जंग सालों से जारी है और यूरोप में न्यूक्लियर खतरे की बातें हो रही हैं. एशिया में इस्लामिक नाटो का गठन हो रहा है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए नई चुनौती बन सकता है. ग्रीनलैंड की भू-राजनीति अब वैश्विक शक्ति संघर्ष का केंद्र बन चुकी है जहां अमेरिका, चीन और रूस अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं. भारत सहित पूरे विश्व पर इन घटनाओं का गहरा प्रभाव पड़ रहा है.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप के आठ देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा की है. ये देश ग्रीनलैंड पर अमेरिका के कब्जे की धमकी का विरोध कर रहे हैं. अमेरिका और यूरोप के बीच ग्रीनलैंड को लेकर तनाव बढ़ गया है. मिनियापोलिस में अमेरिकी एजेंट की गोलीबारी के बाद प्रदर्शन जोर पकड़ रहे हैं. सीरिया में अमेरिकी सेना की कार्रवाई में एक प्रमुख आतंकवादी मारा गया. ईरान के सर्वोच्च नेता ने अमेरिका को देश में फैली अशांति का जिम्मेदार बताया. ट्रंप का गाजा पीस प्लान दूसरे चरण में पहुंचा है। जेपी मॉर्गन के सीईओ ने कहा कि उन्हें फेडरल रिजर्व चेयर बनने का कोई प्रस्ताव नहीं मिला. वेनेजुएला में अमेरिकी सैनिकों पर हमले के खिलाफ क्यूबा में बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ.

पूर्वी चीन के जिआंगसू प्रांत के लियानयुंगांग में शुवेई न्यूक्लियर पावर प्लांट के निर्माण की शुरुआत हो गई है, जो चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना के तहत पहली परमाणु परियोजना है. यह दुनिया की पहली परियोजना है जिसमें हुआलोंग वन और हाई टेम्परेचर गैस कूल्ड रिएक्टर को एक साथ जोड़ा गया है, जिससे बिजली के साथ हाई-क्वालिटी स्टीम भी तैयार होगी.

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के दबाव के खिलाफ डेनमार्क के कई शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिनमें कोपेनहेगन में अमेरिकी दूतावास तक मार्च भी शामिल रहा. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड मुद्दे पर दबाव बढ़ाते हुए डेनमार्क समेत आठ यूरोपीय देशों से आने वाले सामान पर 1 फरवरी से 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है.








