
'श्राप बन जाएगी सिनवार की मौत', हमास की इजरायल को धमकी, बंधकों को छोड़ने की रखी शर्त
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याह्या सिनवार को 'बुचर ऑफ खान यूनिस' भी कहा जाता था. 7 अक्टूबर के हमले के बाद इजरायली मीडिया ने उसकी तुलना कुख्यात आतंकवादी ओसामा बिन लादेन से की थी. इजरायल डिफेंस फोर्सेस के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल रिचर्ड हेचट ने उसकी तुलना 'बुराई का चेहरा' के रूप में की थी. उसे 'चलता फिरता मरा हुआ आदमी' तक बताया था.
इजरायल ने 7 अक्टूबर के कत्लेआम का एक साल बाद बदला ले लिया. पिछले साल इजरायल में घुसकर 1200 लोगों को मरवाने वाला हमास का मास्टरमाइंड याह्या सिनवार मारा गया. इजरायली के PM बेंजामिन नेतन्याहू और विदेश मंत्री काट्ज ने गुरुवार रात को सिनवार के मौत की पुष्टि की. हमास ने भी इसकी पुष्टि करते हुए सिनावर की मौत का बदला लेने की धमकी दी है.
हमास के वरिष्ठ अधिकारी अल-हय्या ने कहा कि सिनवार की मौत इजरायल के लिए अभिशाप बन जाएगी. जब तक गाजा पर आक्रमण बंद नहीं हो जाता और इजरायली सेना वापस नहीं आ जाती, तब तक इजरायली बंधकों को छोड़ा नहीं जाएगा. शुक्रवार को जारी किए गए एक वीडियो बयान में गाजा में हमास के उप प्रमुख और समूह के मुख्य वार्ताकार अल-हय्या ने कहा कि सिनवार लड़ते हुए मरे और उनकी मौत "कब्जा करने वालों" के लिए अभिशाप बन जाएगी.
हमास के अधिकारी ने कहा, "हम महान राष्ट्रीय नेता, मुजाहिद शहीद भाई और इस्लामिक प्रतिरोध आंदोलन (हमास) के राजनीतिक ब्यूरो के प्रमुख व अल-अक्सा स्टॉर्म ऑपरेशन के कमांडर याह्या अल-सिनवार के निधन पर शोक व्यक्त करते हैं. वे एक वीर शहीद की तरह आगे बढ़े, आगे बढ़ते रहे और कभी पीछे नहीं हटे, अपने हथियार चलाते रहे, अग्रिम मोर्चे पर कब्ज़ा करने वाली सेना से भिड़े और उनका सामना किया. वे सभी युद्ध स्थितियों के बीच घूमते रहे, गाजा की सम्मानित भूमि पर अडिग और तैनात रहे, फिलिस्तीन की भूमि और उसके पवित्र स्थलों की रक्षा की."
दरअसल, इजरायली डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने 16 अक्टूबर को रूटीन ऑपरेशन में सेंट्रल गाजा की एक इमारत पर हमला किया था. यहां सिनवार और उसके साथियों के साथ इजरायली सैनिकों की मुठभेड़ हुई. हमास लीडर याह्या सिनवार आखिरी दम तक इजरायली फौजियों से लड़ता रहा. इसका वीडियो अब सामने आया है. सिनवार की मौत हमास के लिए एक बड़ा झटका है. इस्माइल हानिया के मारे जाने के बाद याह्या सिनवार हमास का चीफ बना था.
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'बुचर ऑफ खान यूनिस', जिसे लादेन भी कहा गया

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गलीबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका-ईरान वार्ता का दावा फर्जी बताया. उनका कहना है कि यह वित्तीय और तेल बाजार को प्रभावित करने और अमेरिका-इजरायल की रणनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए फैलाया गया. ईरान ने किसी भी वार्ता की पुष्टि से इनकार किया.

वेस्ट एशिया में छिड़े युद्ध में आज अमेरिका की तरफ से ऐसे संकेत आए हैं कि जैसे अमेरिका ईरान के सामने थोड़ा झुका हो. अमेरिका ने ईरान के एनर्जी और पावर प्लांट पर हमलों को फिलहाल टाल दिया है. लेकिन सवाल है कि क्यों? अमेरिका और इजरायल का गठबंधन युद्ध के 24 दिनों के बाद भी ईरान को पूरी तरह से झुका नहीं पाया है. शुरुआत में भले ही अमेरिका इजरायल को कामयाबी मिली हो. लेकिन अब तो ऐसा लग रहा है कि जैसे ईरान ने अपने ताकतवर बम युद्ध के इस हिस्से के लिए बचाकर रखे हों. इजरायल के न्यूक्लियर प्लांट तक ईरान के बम गिर रहे हैं. इजरायल का वर्ल्ड क्लास एयर डिफेंस सिस्टम फेल क्यों हो गया.

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.






