
शांति समझौते पर चर्चा के बीच रूस का बड़ा मिसाइल अटैक, 14 की मौत, जेलेंस्की बोले- अमेरिका से कर रहे बात
AajTak
यूक्रेन में शांति चर्चा के दौरान रूस ने डोब्रोपिलिया शहर पर बड़ा मिसाइल और ड्रोन हमला किया, जिसमें 14 लोगों की मौत हुई, जिसमें पांच बच्चे शामिल हैं. इस बीच राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस के उद्देश्यों पर सवाल उठाते हुए शांति और सुरक्षा बढ़ाने के लिए अमेरिका सहित अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ सामरिक चर्चाओं की ओर ध्यान केंद्रित करने की बात कही है.
यूक्रेन में शांति समझौतों पर आम चर्चा के बीच रूस ने बड़ा मिसाइल और ड्रोन अटैक किया है. उत्तरी यूक्रेनी शहर Dobropillia में रूसी सेना द्वारा रातभर किए गए हमले में 14 लोग मारे गए हैं, जिनमें पांच बच्चे भी शामिल हैं. इनके अलावा 37 लोग घायल भी हुए हैं. रूसी सेना डोनेस्क क्षेत्र में लगातार हमलों को अंजाम दे रही है, और इस क्षेत्र में डोनबास पर कब्जे की तैयारी में है.
बताया जा रहा है कि रूसी सेना शुक्रवार रात बैलिस्टिक मिसाइलें, कई राकेट्स, और ड्रोन से हमले किए, जिसमें आठ बहु-मंजिला इमरातें जमींदोज हो गईं. इस हमले में कमोबेश 30 वाहन तबाह हो गए. इस हमले में 14 लोग मारे गए हैं, जिनमें पांच बच्चे भी हैं और 37 अन्य लोग घायल हुए हैं. यूक्रेनी मंत्रालय ने यह भी बताया कि एक अन्य हमले में खार्कीव क्षेत्र में तीन लोगों की मौत हुई है.
यह भी पढ़ें: 'पुतिन पर विश्वास...', अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप बोले- यूक्रेन की तुलना में रूस के साथ डील करना आसान
'पुतिन के उद्देश्य नहीं बदले'
शांति पर चर्चा के बीच रूसी हमलों पर यूक्रेनी राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की ने फेसबुक पर कहा, "ऐसे हमले दर्शाते हैं कि रूस के उद्देश्य नहीं बदले हैं. इसलिए, जीवन की रक्षा करने, अपनी हवाई सुरक्षा को मजबूत करने और रूस के खिलाफ प्रतिबंधों को बढ़ाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ कोशिश जारी रखना अहम है. पुतिन को युद्ध के लिए वित्तीय मदद देने वाली हर चीज को खत्म किया जाना चाहिए."
अमेरिका के साथ फिर से चल रही बातचीत

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.

आज यु्द्ध का 24वां दिन है. इजरायल पर ईरान और जवाब में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर ताबड़तोड़ हमले जारी हैं. इस बीच सवाल ये कि क्या डोनाल्ड ट्रंप हॉर्मुज पर फंस गए हैं. ट्रंप के बार-बार बदलते बयानों से लग रहा है कि जंग छेड़ने से पहले हॉर्मुज को लेकर ट्रंप सोच नहीं पाए थे. देखें कैसे बदलते जा रहे ट्रंप के बयान.










