
वो देश, जहां बाथ हाउस में होती है मेहमानवाजी, हल्की रोशनी और थोड़े कपड़ों में हो जाते हैं बड़े राजनैतिक फैसले
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हर देश के पास विदेशी राजनीति के अलग पैंतरे होते हैं. कोई मेहमानों को शानदार दावत देता है, तो कोई भव्य नाच-गाने का आयोजन करता है. फिनलैंड का तरीका सबसे अलग है. यहां विदेशी मेहमानों के साथ नेकेड नेटवर्किंग होती है. सॉना बाथ के दौरान कम से कम कपड़ों में होने वाली इस पॉलिटिक्स को सॉना डिप्लोमेसी भी कहते हैं. फिनिश इसे अपनी संस्कृति का हिस्सा भी मानते हैं.
कोल्ड वॉर के दौरान फिनलैंड के नेताओं ने अपने देश पहुंचे तत्कालीन रूसी राष्ट्रपति निकिता खुश्चेव की अलग ही मेहमानवाजी की. वे उन्हें महंगे होटल या रिजॉर्ट नहीं, बल्कि सॉना-बाथ के लिए ले गए. सारी रात भाप-स्नान के बाद खुश हुए राष्ट्रपति आखिरकार फिनलैंड की कई बातों पर राजी हो गए. साल 2005 में रूस के वर्तमान प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन ने भी हेलसिंकी में भाप स्नान किया था और उसे जीवन का सबसे यादगार वक्त बताया था.
फिनलैंड ऐसा हर उस विदेशी मेहमान के लिए करता है, जिसे बाथ हाउस जाने और कम कपड़ों में सार्वजनिक स्नान से परहेज न हो. इसमें ज्यादा तापमान के बीच पसीने में नहाए हुए लोग राजनीति की जरूरी बातें तय करते हैं. साथ में बेहतरीन शराब, मौसमी फल और चॉकलेट का भी इंतजाम रहता है. सॉफ्ट डिप्लोमेटिक टूल की तरह सॉना के इस्तेमाल पर कई शोध भी हो चुके हैं.
इस तरह से होती है शुरुआत फिनलैंड आने वाले विदेशी राजनेता या राजनयिक पहले आपस में फॉर्मली मिलते-जुलते हैं. बातचीत के बाद तय होता है कि कौन बाथ हाउस में जाने को तैयार है, कौन नहीं. इसके बाद लोग मिलकर बाथ हाउस जाते हैं. ध्यान रखा जाता है कि रोशनी बहुत मद्धिम हो ताकि कोई भी असहज न हो. वैसे ही सॉना बाथ के दौरान रोशनी कम ही रखी जाती है ताकि दिमाग को ज्यादा से ज्यादा आराम मिल सके. डिप्लोमेट्स में अगर महिलाएं भी शामिल हों तो वे अलग से सॉना में जाती हैं, जहां उनके साथ के लिए राजदूतों की ही पत्नियों को भेजा जाता है.
सॉफ्ट डिप्लोमेसी के तहत फिनलैंड का ये सबसे मजबूत हथियार इसमें भाप-स्नान के दौरान बातचीत ज्यादा आत्मीय हो जाती है. कपड़ों की तह के साथ-साथ भेदभाव की दीवार भी छोटी होती जाती है. दिमाग रिलैक्स होता है, जिससे आपसी यकीन बढ़ता है और फैसला लेना आसान हो जाता है.
सॉना का फिनिश कनेक्शन सॉना फिनिश शब्द है, जिसका मतलब है ऐसा कमरा, जहां गर्म चट्टानों पर पानी की फुहार छोड़ी जाती है. इस दौरान जो भाप पैदा होती है, वही सॉना है. मूलतः फिनिश कल्चर के तहत आने वाली ये चीज रूस, लातीविया और एस्टॉनिया जैसे देशों में भी रुटीन का हिस्सा है. हालांकि फिनलैंड का नाम इसमें सबसे ऊपर रखा जाता है.
बेहद प्राचीन है फिनिश सॉना माना जाता है कि फिनलैंड में सॉना की शुरुआत 10वीं सदी में हुई होगी. इसके प्रमाण के तौर पर कई ऐसी गुफाएं मिली हैं, जिनमें बड़ा गड्ढा खुदा हुआ है और पास में भट्टी सुलगने के निशान हैं. फिनलैंड और रूस के मिले-जुले चिन्हों वाले करेलिया रिपब्लिक में ऐसी ढेर की ढेर गुफाएं अब भी हैं. माना जाता है कि गुफा में रहते परिवार पानी जमा करने के लिए गड्ढा खोदते, और खाने के लिए पास में ही आग का इंतजाम होता. इसी तरह से किसी दिन अचानक सॉना बाथ की शुरुआत हो गई होगी.

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