
'विवाद नहीं, संवाद' का संदेश... धीरेंद्र शास्त्री की 'सनातन हिंदू एकता पदयात्रा' में शामिल होंगे 300 से अधिक मुस्लिम
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यह यात्रा एक अनूठा उदाहरण भी पेश कर रही है. बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि मुस्लिम समाज ने भी यात्रा का समर्थन किया है. फैज खान के नेतृत्व में 300 से अधिक मुस्लिम भाई यात्रा में शामिल होंगे.
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की बहुप्रतीक्षित 'सनातन हिंदू एकता पदयात्रा' शुक्रवार सुबह दिल्ली के कात्यायनी माता मंदिर से श्री धाम वृंदावन के लिए शुरू होगी.
गुरुवार को नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब में मीडिया को संबोधित करते हुए पं. धीरेंद्र शास्त्री ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक यात्रा नहीं है, बल्कि विचारों को जगाने के लिए एक वैचारिक क्रांति है, जिसमें सबकी भागीदारी अनिवार्य है.
उन्होंने कहा कि शुक्रवार को सुबह 9 बजे मंचीय कार्यक्रम के बाद साधु-संतों द्वारा सौंपे गए धर्म ध्वज को आगे रखकर पदयात्रा वृंदावन के लिए प्रस्थान करेगी. यात्रा के दौरान श्री राम नाम संकीर्तन पदयात्रियों की ऊर्जा बढ़ाएगा. कार्यक्रम में राष्ट्रगान, हनुमान चालीसा और हिंदू एकता की शपथ के साथ-साथ देशभर से आए साधु-संतों और महामंडलेश्वरों के आशीर्वचन होंगे.
विवाद नहीं, संवाद से आगे बढ़ना लक्ष्य
उन्होंने देश-विदेश के हिंदुओं से आह्वान किया कि वे 7 नवंबर से 16 नवंबर तक चलने वाली इस यात्रा में कम से कम एक दिन के लिए अवश्य शामिल हों. उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य विवाद नहीं, बल्कि संवाद के माध्यम से आगे बढ़ना है. यह यात्रा माया शक्ति की नगरी (दिल्ली) से माधव की नगरी (वृंदावन) तक चलेगी और करीब 5 करोड़ की आबादी तक इसका संदेश पहुंचाने का प्रयास होगा.
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