
विवाद के बीच 3 दिन में 1400 भारतीय पहुंचे मालदीव, जानें- वहां कितना खर्च करते हैं इंडियंस
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लक्षद्वीप को लेकर भारत और मालदीव के बीच शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. सोशल मीडिया पर बहस जारी है. लक्षद्वीप घूमने जाने की अपील की जा रही है. वहीं, मालदीव का बायकॉट किया जा रहा है. ऐसे में जानते हैं कि ये पूरा विवाद शुरू होने से पहले और बाद में कितने भारतीय मालदीव घूमने गए हैं.
भारत और मालदीव के बीच जिस तरह का राजनयिक तनाव इस समय बढ़ा है, वैसा शायद ही पहले कभी बढ़ा हो. सोशल मीडिया पर बायकॉट मालदीव जैसे हैशटैग ट्रेंड हो रहे हैं. इस सबकी शुरुआत तब हुई, जब मालदीव के तीन मंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के खिलाफ टिप्पणी की.
दरअसल, चार जनवरी को प्रधानमंत्री मोदी लक्षद्वीप के दौरे पर थे. उन्होंने दौरे की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कीं और लोगों से लक्षद्वीप घूमने की अपील की. इसके बाद छह जनवरी को मालदीव सरकार की मंत्री मरियम शिउना ने पीएम मोदी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की. उनके बाद दो और मंत्री- महजूम माजिद और मालशा शरीफ भी कूद पड़े और भारत विरोधी टिप्पणी की. बवाल बढ़ा तो मालदीव सरकार ने तीनों मंत्रियों को निलंबित कर दिया.
लेकिन बात यहीं खत्म नहीं हुई. इसके बाद दोनों ओर सोशल मीडिया पर बवाल शुरू हो गया. कई लोगों ने अपनी बुकिंग्स कैंसिल कर दी. मालदीव के विपक्षी नेता ने दावा किया कि विवाद के बाद एक इंडियन शादी भी कैंसिल हो गई, जिसमें लगभग 8 करोड़ रुपये खर्च होने वाले थे. मालदीव जाने वालीं फ्लाइट्स की बुकिंग्स फिलहाल सस्पेंड कर दी गई हैं.
मालदीव जैसे देश के लिए ये एक बड़ा झटका है. क्योंकि उसकी तकरीबन 25 फीसदी अर्थव्यवस्था पर्यटन पर ही टिकी है. और मालदीव घूमने जाने वालों में भारतीय किसी से कम नहीं हैं. मालदीव के पर्यटन मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल तकरीबन 19 लाख लोग वहां घूमने आए थे और इनमें सबसे ज्यादा भारतीय ही थे.
अब जब मालदीव का बायकॉट किया जा रहा है तो जरा ये भी जान लेते हैं कि ये सारा विवाद शुरू होने के बाद वहां जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या कम हुई है या बढ़ी है?
क्या कहते हैं आंकड़े?

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