
विपक्ष की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल क्यों नहीं हुए नीतीश? बिहार पहुंच कर खुद बताई वजह
AajTak
बिहार के सीएम नीतीश कुमार बेंगलुरु में विपक्षी पार्टियों की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल नहीं हुए थे. इसको लेकर कयास लगाए जाने लगे. अब बिहार सीएम ने एक कार्यक्रम में इसपर सफाई दी.
बेंगलुरु में हुई विपक्षी एकता मीटिंग पर बिहार के सीएम नीतीश कुमार का बयान आया है. मीटिंग के बाद नीतीश को लेकर कुछ खबरें चल रही थीं. इनमें कहा जा रहा था कि नीतीश गठबंधन का नाम I.N.D.I.A. रखने से खुश नहीं हैं. अब ऐसी खबरों को नीतीश ने गलत बताया है.
नीतीश बुधवार को बिहार के राजगीर शहर में थे. वहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नीतीश ने कहा, 'कल अनेक पार्टियों की मीटिंग थी. वहां की मीटिंग खत्म हुई तो हम चल दिए. आज बोल रहे हैं कि हम प्रेस कॉन्फ्रेंस में थे ही नहीं. जबकि हम सब बात मानकर वहां से निकले थे. हमको राजगीर आना था, हमारी इच्छा राजगीर आने की हो रही थी. पूरी तरह से हम लोग साथ हैं.'
नीतीश को क्यों नाराज बताया जा रहा था?
ऐसी खबरें थीं कि बैठक में नीतीश कुमार ने I.N.D.I.A. नाम पर कड़ा ऐतराज जताया था. कहा जा रहा था कि नीतीश ने अंग्रेजी में नाम को लेकर आपत्ति जताई थी. कहा जा रहा था कि कांग्रेस ने इस गठबंधन को हाईजैक कर लिया, जिससे JDU के साथ-साथ लालू की पार्टी RJD में भी नाराजगी है और इसी वजह से नीतीश, लालू और तेजस्वी फ्लाइट पकड़कर बेंगलुरु से पटना लौट आए. तीनों नेता मीटिंग के बाद हुई विपक्षी नेताओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल नहीं हुए थे.
26 पार्टियां हुई थीं एकजुट
बता दें कि बीजेपी वाले NDA (राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन) गठबंधन को हराने के लिए 26 विपक्षी पार्टियां एकजुट हुई हैं. इन्होंने अपनी पहली मीटिंग पटना में की थी. इसके बाद दूसरी मीटिंग 17-18 जुलाई को बेंगलुरु में हुई.

प्रयागराज माघ मेले से लौटे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने सरकार को गोहत्या और मांस निर्यात के मुद्दे पर कड़ी चेतावनी दी है. शंकराचार्य ने साफ कहा है कि अगर सरकार द्वारा निर्धारित शर्तें पूरी नहीं की गईं, तो वे मुख्यमंत्री को नकली हिंदू घोषित करेंगे. यह बयान राजनीतिक और सामाजिक विवादों को जन्म दे सकता है क्योंकि गोहत्या और मांस निर्यात जैसे मुद्दे प्रदेश के भीतर संवेदनशील विषय हैं.

झारखंड फेडरेशन ऑफ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FJCCI) के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने राज्य के चार ऐसे जिलों की रेल कनेक्टिविटी समेत अन्य आवश्यक मांगों को लेकर यूनियन बजट में शामिल करने की बात कही है जहां आज तक रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं है. आदित्य मल्होत्रा ने इन जिलों के लिए रेल परिवहन के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि यह कदम कैसे क्षेत्रीय विकास में सहायक होगा.

उत्तर भारत में मौसम का मिजाज बदलने वाला है. मौसम विभाग (IMD) के अनुसार आने वाले दिनों में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में फिर बर्फबारी की संभावना है. वहीं, दिल्ली-NCR में 31 जनवरी से 2 फरवरी तक बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है. मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के लिए भी बारिश का अलर्ट जारी किया है.

जम्मू कश्मीर से हिमाचल प्रदेश तक पहाड़ों पर लगातार भारी बर्फबारी जारी है. इस बर्फबारी के कारण खूबसूरत नजारे देखने को मिल रहे हैं, जिससे बड़ी तादाद में पर्यटक इन इलाकों की तरफ आकर्षित हो रहे हैं. मौसम के इस बदलाव ने कई रास्ते बंद कर दिए हैं जिससे कई जगहों पर यातायात जाम की स्थिति बनी है. श्रीनगर समेत पुलवामा, कुलगाम, शोपिया, गुरेज और अन्य क्षेत्रों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है.

मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है. अमेरिका ने USS Abraham Lincoln कैरियर ग्रुप अरब सागर में तैनात कर ईरान पर हमले की धमकी दी है. ईरान डर से अपने न्यूक्लियर साइट्सको गहराई में छिपा रहा है. टनल सील कर रहा है. ड्रोन कैरियर शहीद बघेरी को बंदर अब्बास से 6 किमी दूर रखा है. IRGC 1-2 फरवरी को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लाइव-फायर एक्सरसाइज करेगा.

दिल्ली पुलिस की महिला कमांडो काजल की हत्या के मामले अब नई परतें खुल रही हैं. उसके परिजनों ने पति अंकुर पर हत्या के साथ-साथ पेपर लीक रैकेट का मास्टरमाइंड होने के गंभीर आरोप लगाए हैं. दावा है कि काजल के पास उसके काले कारनामों के राज़ थे. हत्या से पहले वीडियो कॉल और डंबल से हत्या के आरोपों ने मामले को और सनसनीखेज बना दिया है.







