
विदेश मंत्री एस जयशंकर की सुरक्षा बढ़ाई गई, अब बुलेटप्रूफ कार में चलेंगे, आवास पर भी बढ़ेगा सुरक्षा घेरा
AajTak
ऑपरेशन सिंदूर के बाद अब विदेश मंत्री एस जयशंकर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. विदेश मंत्री अब बुलेटप्रूफ कार में चलेंगे और उनके दिल्ली स्थित आवास के बाहर सुरक्षा घेरा भी बढ़ा दिया जाएगा.
ऑपरेशन सिंदूर स्थगित होने के बाद अब सरकार ने उन चेहरों की सुरक्षा पर फोकस कर दिया है, जो कूटनीति और अन्य मोर्चों पर देश की आवाज रहे. विदेश मंत्री एस जयशंकर की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है. भारतीय कूटनीति के चाणक्य कहे जा रहे एस जयशंकर के दिल्ली स्थित आवास के आसपास सुरक्षा घेरा और तगड़ा कर दिया गया है.
गृह मंत्रालय ने विदेश मंत्री जयशंकर की सुरक्षा में अब बुलेटप्रूफ वाहन को भी शामिल कर लिया है. विदेश मंत्री अब बुलेटप्रूफ कार में चलेंगे. हालांकि, इस फैसले को लेकर गृह मंत्रालय की तरफ से आधिकारिक ऐलान अभी नहीं किया गया है. गृह मंत्रालय के सूत्रों की मानें तो विदेश मंत्री के आवास का सुरक्षा घेरा बढ़ाने के साथ ही उनकी सुरक्षा में विशेष बुलेटप्रूफ वाहन शामिल किया गया है.
गौरतलब है कि एस जयशंकर को पहले से ही जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है. विदेश मंत्री की सुरक्षा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के कमांडो तैनात हैं. सीआरपीएफ के 33 कमांडो विदेश मंत्री एस जयशंकर को क्लॉकवाइज सुरक्षा देते हैं. अब गृह मंत्रालय ने विदेश मंत्री एस जयशंकर का सुरक्षा घेरा और मजबूत करने का फैसला किया है.
यह भी पढ़ें: 'भारत को दोस्त चाहिए, ज्ञान देने वाले नहीं...', विदेश मंत्री जयशंकर की यूरोप को दो टूक
विदेश सचिव की भी बढ़ी सुरक्षा
विदेश मंत्री का सुरक्षा घेरा बढ़ाने के साथ ही विदेश सचिव विक्रम मिसरी की सुरक्षा भी सरकार बढ़ाने जा रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार विदेश सचिव विक्रम मिसरी के अलावा भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कम से कम दो दर्जन नेताओं की सुरक्षा की समीक्षा कर रही है. जिन नेताओं की सुरक्षा की समीक्षा की जा रही है, उनमें कई केंद्रीय मंत्री, दिल्ली की मुख्यमंत्री और सांसद शामिल हैं.

अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस,इजरायल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले की गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है. मेन टारगेट न्यूक्लियर साइट्स (फोर्डो, नंटाज, इस्फाहान), IRGC कमांडर्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रीज और स्ट्रैटेजिक बेस हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनों और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर धमकी दी है, लेकिन अभी हमला नहीं हुआ. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.







