
'वक्फ बाय यूजर' का क्या होगा, किन फैसलों पर रोक लगी, कौन से बरकरार? समझें सुप्रीम कोर्ट का पूरा फैसला
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मोदी सरकार के द्वारा वक्फ एक्ट में संसोधन कर लाए गए नए वक्फ कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया. कोर्ट ने वक्फ कानून पर रोक नहीं लगाई, लेकिन कई धाराओं पर रोक लगाकर मुस्लिम समुदाय को राहत दी है.
वक्फ कानून से जुड़े मामले पर देश की सर्वोच्च अदालत ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया. सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ कानून के मामले में सरकार और मुस्लिम समुदाय के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है. अदालत ने वक्फ कानून की धारा 3 और धारा 4 पर रोक लगा दी है. सुनवाई के बाद अदालत ने कहा कि हमारे पास पूरे कानून पर रोक लगाने का अधिकार नहीं है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह फैसला कानून की संवैधानिकता पर नहीं है. अदालत ने वक्फ संपत्ति पर राजस्व से संबंधित कानून पर रोक लगा दी है. साथ ही, वक्फ बोर्ड के 11 सदस्यों में तीन से अधिक गैर-मुस्लिम सदस्य न हों और वक्फ बोर्ड का सीईओ जहां तक संभव हो मुस्लिम समुदाय से हो, लेकिन गैर-मुस्लिम सीईओ बनाने पर रोक नहीं लगाई.
मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने धारा 3(आर), 2(सी), 3(सी) और 23 पर रोक लगाने का आदेश पारित किया है. इस तरह से अदालत ने कुछ मामलों में मुसलमानों को राहत दी तो कुछ मामलों में सरकार को. ऐसे में मुसलमानों को वक्फ कानून में किस पर आपत्तियाँ थीं और किस पर उन्हें राहत मिली है, आइए समझते हैं...
सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ कानून के किन प्रावधानों पर रोक लगाई?
धारा 3(आर): यह शर्त कि किसी व्यक्ति को वक्फ बनाने के लिए कम से कम पांच वर्षों तक इस्लाम का अनुयायी होना चाहिए. अदालत ने कहा कि जब तक नियम नहीं बनते, यह शर्त मनमानी हो सकती है और स्थगित रहेगी. कोर्ट ने उस पर वक्फ करने की पांच साल की लिमिट पर रोक लगा दिया है.

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