
‘लोकतंत्र पर हर हमला जनता ने रोका’, आपातकाल लगाए जाने के 50 साल पूरा होने पर बोले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला
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भारत में 25-26 जून 1975 को घोषित आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर लोकतंत्र की चुनौतियों और प्रतिक्रियाओं पर चर्चा हुई. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने लोकतंत्र की मजबूती पर जोर दिया. आपातकाल के दौरान नागरिक अधिकारों का हनन और प्रेस स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगे थे.
आपातकाल के 50 साल पूरा हो गए हैं. तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 25-26 जून की रात को आपातकाल की घोषणा की थी. जो क़रीब 21 महीने चली. बीजेपी आपातकाल को देश के लिए काला अध्याय बताते हुए बुधवार को ‘संविधान हत्या दिवस’ मनाया.
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में आपातकाल के 50वीं वर्षगांठ पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि लोकतंत्र भारत की आधारशिला है, जब भी उस पर खतरा मंडराया है तो जनता ने इसका डटकर जवाब दिया है.
मुरादाबाद में संविधान साहित्य वाटिका के उद्घाटन समारोह के दौरान उन्होंने कहा, ‘लोकतंत्र हमारे राष्ट्र की सबसे मज़बूत नींव है. जब इसे दबाने की कोशिश की गई है, भारत की जनता ने प्रतिरोध किया है’.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली एनएडीए सरकार 25 जून को 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में मनाया. देशभर में रैलियां और जनसभाएं की और कांग्रेस पर हमला बोला.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे 'भारत के लोकतांत्रिक इतिहास के सबसे काले अध्याय के 50 साल' कहा है, जब मौलिक अधिकार छीन लिए गए थे, प्रेस की स्वतंत्रता नष्ट कर दी गई थी और कई लोगों को जेल में डाल दिया गया था'.

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