
लैंड फॉर जॉब स्कैम: लालू प्रसाद के परिवार के कथित सहयोगी को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेजा
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ईडी ने अमित कात्याल को यह आरोप लगाते हुए गिरफ्तार किया था कि उनकी कंपनी नौकरी के बदले जमीन घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल थी. कंपनी, एके इंफोसिस्टम मामले के संबंध में एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग एजेंसी और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच और जांच के दायरे में है.
लैंड फॉर जॉब मामले में दिल्ली की कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव के कथित करीबी व्यवसायी अमित कात्याल को 5 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. इससे पहले कोर्ट ने अमित कात्याल की हिरासत 6 दिन के लिए बढ़ा दी थी, जबकि ईडी ने 8 दिन की और हिरासत मांगी थी.
दरअसल, ईडी ने अमित कात्याल को यह आरोप लगाते हुए गिरफ्तार किया था कि उनकी कंपनी नौकरी के बदले जमीन घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल थी. कंपनी, एके इंफोसिस्टम मामले के संबंध में एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग एजेंसी और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच और जांच के दायरे में है.
कात्याल के वकील ने पिछली बार अदालत को बताया था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है और उन्होंने अधिकारियों से उन्हें डॉक्टर के पास ले जाने के लिए कहा था लेकिन वे उन्हें नहीं ले गए.
उनके वकील ने अदालत से कहा था कि यह कहना आसान है कि मनी लॉन्ड्रिंग हुई है, सीबीआई मामले में 17 आरोपी हैं और बिना किसी को गिरफ्तार किए आरोप पत्र दायर किया गया है. अमित कत्याल कई बीमारियों से पीड़ित हैं और अमित को न्यायिक हिरासत में भेजा जाना चाहिए.
हालांकि ईडी के वकील ने कोर्ट को बताया था कि पांच दिनों की पूछताछ के दौरान कई अहम नाम सामने आए हैं, इन नामों का आज से पहले कभी खुलासा नहीं किया गया था, कोर्ट चाहे तो केस डायरी देख सकती है.

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