
रोहिणी कोर्ट में ब्लास्ट किसी बड़ी साजिश का ट्रेलर तो नहीं?...वरना होता बड़ा धमाका
AajTak
दिल्ली के रोहिणी कोर्ट रूम नम्बर 102 में हुए धमाके ने दिल्ली पुलिस और खुफिया एनेजंसियों की नींद उड़ा दी है. स्पेशल सेल के सूत्रों के मुताबिक कोर्ट में जो ब्लास्ट हुआ वह IED था. IED को स्टील के टिफिन में रख कर बनाया गया था, जिसे एक पुराने काले रंग के बैग में रखा गया था. लेकिन IED ठीक से असेंबल नहीं हो पाई थी. इसी वजह से धमाका लो इंटेनसिटी का ही हुआ.
दिल्ली के रोहिणी कोर्ट रूम नम्बर 102 में हुए धमाके ने दिल्ली पुलिस और खुफिया एनेजंसियों की नींद उड़ा दी है. स्पेशल सेल के सूत्रों के मुताबिक कोर्ट में जो ब्लास्ट हुआ वह IED था. IED को स्टील के टिफिन में रख कर बनाया गया था, जिसे एक पुराने काले रंग के बैग में रखा गया था. लेकिन IED ठीक से असेंबल नहीं हो पाई थी. इसी वजह से धमाका लो इंटेनसिटी का ही हुआ.

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण भारत के 6 से ज्यादा जहाज अभी भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे हुए हैं. बताया जा रहा है कि इन जहाजों में ज्यादातर एलपीजी टैंकर और एलएनजी जहाज हैं. जिससे देश में एलपीजी की किल्लत हो सकती है. हालांकि, सरकार ने घरेलू उत्पादन में 40% वृद्धि की है और घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है.

न्यूजरूम में बात होगी तेल-गैस युद्ध बने ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध की. बताएंगे कि कैसे भड़का तेल-गैस युद्ध. इजरायल के हमले का जवाब ईरान ने कैसे दिया. ये भी बात होगी कि क्या ट्रंप का ऑपरेशन एपिक फ्यूरी फेल हो गया? क्या ईरान को निहत्था करने के लिए शुरू हुई जंग अब तेल-गैस युद्ध के साथ तीसरा विश्व युद्ध की तरफ बढ़ चला है.

देश के 3 शहरों से ऐसी खबरें आईं जिसने दिल दहला दिया. आग लगने के कारण दिल्ली, चंडीगढ़ और इंदौर में भयानक हादसे हुए. भीषण आग की चपेट में पूरा का पूरा परिवार आ गया. दिल्ली में 9 लोगों की मौत हुई तो इंदौर में भी 8 लोगों को जान गंवानी पड़ी. चंडीगढ़ में लगी आग भयावह जरूर है, लेकिन गनीमत रही कि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई.

अमेरिका-इजरायल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत अब भी जारी है. गैस एजेंसियों के बाहर लम्बी लाइनें हैं. गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी भी हो रही है. होटल-रेस्टोरेंट में गैस का स्टॉक खत्म होने से बिजनेस ठप होने लगे हैं. कई जगह ताले भी लटकने लगे हैं. त्योहारी सीजन में घरों में भी इसका असर दिख रहा है.









