
'रेस्क्यू के लिए रोबोटिक टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल...', टनल हादसे के बाद घटनास्थल पर पहुंचे सीएम रेवंत रेड्डी
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मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू में जुटी सेना, टनल एक्सपर्ट और 11 विभिन्न विभागों की सराहना की और उनकी प्रतिबद्धता के लिए धन्यवाद दिया. फिलहाल टनल के भीतर फंसे 8 मजदूरों की स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं है. अधिकारियों का अनुमान है कि स्थिति साफ करने और रेस्क्यू के किसी नतीजे तक पहुंचाने में 2-3 दिन और लग सकते हैं.
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने रविवार को एसएलबीसी (श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल) टनल साइट का दौरा किया और इस प्रोजेक्ट की अनदेखी के लिए पिछली सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य बनने के बाद पिछली सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर ध्यान नहीं दिया. सीएम ने कहा कि पिछली सरकार ने टनल निर्माण कंपनी को फंड जारी नहीं किए और कंपनी के बकाया भुगतान का हवाला देकर बिजली आपूर्ति तक काट दी. इससे टनल का पूरा काम रुक गया.
सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा कि जैसे ही कांग्रेस सरकार सत्ता में आई, हमने इस प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए तुरंत कदम उठाए, हमने लंबित बिलों का भुगतान किया, तकनीकी विशेषज्ञों से सलाह ली और सारी अड़चनों को दूर किया. यहां तक कि अमेरिका से मशीनरी के स्पेयर पार्ट्स मंगवाए. उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार पूरी निष्ठा के साथ काम कर रही है, ताकि नलगोंडा की पानी की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके. हालांकि, उन्होंने हाल ही में हुए हादसे को 'अप्रत्याशित त्रासदी' बताते हुए राजनीति से ऊपर उठकर मिलकर काम करने की अपील की. उन्होंने कहा कि ऐसी आपदाओं के समय सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को राजनीति से ऊपर उठकर पीड़ित परिवारों की मदद के लिए आगे आना चाहिए.
मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू में जुटी सेना, टनल एक्सपर्ट और 11 विभिन्न विभागों की सराहना की और उनकी प्रतिबद्धता के लिए धन्यवाद दिया. फिलहाल टनल के भीतर फंसे 8 मजदूरों की स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं है. अधिकारियों का अनुमान है कि स्थिति साफ करने और रेस्क्यू के किसी नतीजे तक पहुंचाने में 2-3 दिन और लग सकते हैं. बचाव कार्य में सबसे बड़ी चुनौती क्षतिग्रस्त कन्वेयर बेल्ट है, जो मलबा हटाने में बाधा बन रही है, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि अगर कन्वेयर बेल्ट की मरम्मत कल तक हो जाती है, तो मलबा हटाने की प्रक्रिया तेज हो जाएगी.
सीएम रेड्डी ने कहा कि अधिकारियों को अभी यह भी तय करना है कि फंसे हुए मजदूरों की सही लोकेशन कहां है और टनल के अंदर मशीनरी को कितना नुकसान हुआ है. हमने हादसे के बाद से अब तक की गई सभी कार्रवाई की समीक्षा की और मौजूदा स्थिति का जायजा लिया है. मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों से अपील की कि वे इस त्रासदी को राजनीतिक रंग देने के बजाय समाधान में सहयोग करें. उन्होंने याद दिलाया कि पिछली सरकार के समय जब श्रीशैलम लेफ्ट बैंक पावर जनरेशन हादसा हुआ था, तब विपक्षी नेताओं को घटनास्थल पर जाने से रोका गया था.
सीएम ने कहा कि जब मैं पीसीसी अध्यक्ष था, तब श्रीशैलम लेफ्ट बैंक हादसे के समय मुझे वहां जाने की कोशिश करने पर जेल में डाल दिया गया था. देवाडुला और कलेश्वरम परियोजनाओं में हुई घटनाओं के दौरान भी विपक्षी नेताओं को घटनास्थल से दूर रखा गया था. लेकिन इस बार, हादसे के तुरंत बाद हमने उत्तम कुमार रेड्डी को मौके पर भेजा, केंद्र से समन्वय किया और सभी जरूरी एजेंसियों को सक्रिय किया.
रेवंत रेड्डी ने SLBC टनल को दुनिया की सबसे बड़ी टनलों में से एक बताया और आश्वासन दिया कि सरकार किसी भी हाल में उम्मीद नहीं छोड़ेगी. उन्होंने फंसे हुए मजदूरों के परिवारों को पूरी मदद का वादा किया और कहा कि इस परियोजना को हर हाल में पूरा किया जाएगा. रेस्क्यू ऑपरेशन को तेजी देने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक होने पर रोबोटिक टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर भी विचार करने का निर्देश दिया.

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