
रूस-यूक्रेन ने युद्धबंदियों की अदला-बदला शुरू की, घायल सैनिकों और मृतकों के शव किए जाएंगे एक्सचेंज
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रूस-यूक्रेन ने युद्धबंदियों की अदला-बदली की प्रक्रिया शुरू कर दी है. दोनों मुल्क एक-दूसरे के घायल सैनिकों को रिहा करेंगे. रिहा किए जाने वाले सैनिकों में 25 साल तक की उम्र के जवान शामिल होंगे. इनके अलावा दोनों देश मृत सैनिकों के शवों को भी एक्सचेंज करेंगे. इस बीच दोनों देश एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप भी लगा रहे हैं.
रूस और यूक्रेन ने तुर्की में हुई शांति वार्ताओं के बाद युद्धबंदियों के एक्सचेंज की प्रक्रिया शुरू कर दी है. मॉस्को ने बताया कि पहला चरण युवाओं के एक्सचेंज का होगा, जिसमें 25 वर्ष से कम आयु के सैनिक शामिल होंगे. पिछले सोमवार इस्तांबुल में हुई बातचीत में दोनों पक्षों ने घायल सैनिकों और 25 साल से कम उम्र के बंदियों को रिहा करने पर सहमति जताई थी.
समझौते के तहत दोनों पक्ष 1,000 से ज्यादा सैनिकों को रिहा करेगा. साथ ही, दोनों ने 6,000-6,000 मृत सैनिकों के शवों की अदला-बदली करने का भी वादा किया है. रूसी रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को टेलीग्राम पर कहा, "रूसी-यूक्रेनी समझौतों के अनुसार, 25 वर्ष से कम उम्र के पहले दल के रूसी सैनिकों को कीव के नियंत्रण वाली क्षेत्र से लौटाया गया है."
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कितने सैनिकों की होगी अदला-बदली अभी स्पष्ट नहीं!
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने एक्स (ट्विटर) पर इसे मंजूरी दी और बताया कि यह प्रक्रिया आने वाले दिनों में कई चरणों में जारी रहेगी. शुरुआती एक्सचेंज में कितने सैनिक शामिल हैं, इसका कोई पक्ष स्पष्ट नहीं कर रहा है, लेकिन रूस का कहना है कि उसने लगभग उतने ही यूक्रेनी सैनिक लौटाए हैं. रूस के मुख्य वार्ता कर्ता व्लादिमीर मेदिंस्की ने शनिवार को बताया कि मॉस्को ने 640 यूक्रेनी युद्धबंदियों की रिहाई के लिए लिस्ट पेश की है.
बेलारूस में किया जा रहा युद्धबंदियों का मेडिकल टेस्ट

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