
राहुल का 90 मिनट का भाषण, 'हिन्दू' के मुद्दे पर छिड़ा सियासी रण... लोकसभा में आज भी हंगामे के आसार
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कुछ दिनों पहले तक जब चुनाव चल रहे थे, कांग्रेस पर बीजेपी आरोप लगाती रही कि कांग्रेस वाले मुस्लिम लीग का घोषणा पत्र लाए हैं और आज लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी वाले असली हिंदू ही नहीं हैं. राहुल ने सोमवार को 90 मिनट का जो भाषण दिया, उसमें हिंदू को लेकर ऐसा विवाद हुआ जहां प्रधानमंत्री, गृहमंत्री समेत पांच मंत्रियों ने आपत्ति जताई है.
संसद सत्र जारी है और सबकी निगाह सदन में चल रही कार्यवाही पर टिकी है. मंगलवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर होती चर्चा का जवाब देना है और इस जवाब पर सबकी नजर इसलिए है, क्योंकि नेता विपक्ष बनने के बाद सोमवार को लोकसभा में राहुल गांधी के पहले भाषण के बाद सियासी बहस ने दस्तक दे दी है. सोमवार को सदन हंगामेदार रही, क्योंकि राहुल गांधी हिंदू हिंसा के साथ-साथ कई मुद्दों पर बोले. इसके बाद हर मुद्दे पर हंगामा भी हुआ. वहीं मंगलवार को पीएम मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब देंगे तो सदन में एक बार फिर हंगामा होना लाजिमी है.
बीजेपी वाले असली हिंदू नहींः राहुल गांधी कुछ दिनों पहले तक जब चुनाव चल रहे थे, कांग्रेस पर बीजेपी आरोप लगाती रही कि कांग्रेस वाले मुस्लिम लीग का घोषणा पत्र लाए हैं और आज लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी वाले असली हिंदू ही नहीं हैं. हंगामे के बीच राहुल ने सोमवार को 90 मिनट का जो भाषण दिया, उसमें हिंदू को लेकर ऐसा विवाद हुआ जहां प्रधानमंत्री, गृहमंत्री समेत पांच मंत्रियों को उठकर राहुल गांधी के भाषण पर आपत्ति जतानी पड़ी.
राहुल गांधी का भाषण और बीजेपी की आपत्तियां पहले हाथ में संविधान उठाकर और फिर भगवान शिव की तस्वीर. दुआ में उठे हाथ की तस्वीर, गुरुनानक की तस्वीर, जीसस की तस्वीर उठाकर राहुल गांधी ने ऐसा कौन सा तीर मारा है जो कहते हैं कि बीजेपी के दिल में लगा है. ऐसा राहुल गांधी ने क्या बोला कि प्रधानमंत्री को दो बार उठकर टोकना पड़ा. अमित शाह को चार बार उठकर आपत्ति जतानी पड़ी. उन्होंने कहा कि सदन में ये कैसे चल सकता है, आप एकतरफा रियायत दे रहे हैं, हमें संरक्षित करिये ऐसे नहीं चलता है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को दो बार उठना पड़ा और उन्होंने कहा कि ऐसी गलत जानकारी आप सदन में नहीं दे सकते हैं.
हर धर्म का मूल मंत्र, डरो मतः राहुल गांधी इसके बाद कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को, पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सभी को उठकर राहुल गांधी के भाषण के दौरान आपत्ति उठानी पड़ी. क्योंकि हंगामे के बीच 90 मिनट का भाषण राहुल गांधी ने दिया, जिसमें हिंदू, शिवजी, डरो मत-डराओ मत, अभय मुद्रा, हिंसा, अयोध्या, राम जन्मभूमि, महंगाई, अग्निवीर, मणिपुर, किसान शब्द चर्चा में आए. जहां राहुल गांधी ने हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन धर्मों का जिक्र करके पहले पहले ये बताने पर फोकस किया कि हर धर्म का मूल मंत्र है, डरो मत.
धर्म पर क्या बोले राहुल गांधी राहुल गांधी ने कहा कि, त्रिशूल हिंसा नहीं बल्कि अहिंसा का प्रतीक है. इस्लाम में भी लिखा है कि डरना नहीं है. गुरुनानक जी भी कहते हैं डरो मत, डराओ मत, जीजस में भी अभय मुद्रा, बुद्ध भगवान ने कहा, डरो मत-डराओ मत. महावीर ने कहा, डरो मत, डराओ मत. इसी के बाद राहुल गांधी ने सत्ता पक्ष की तरफ इशारा करके कहा कि 'जो लोग अपने आपको हिंदू कहते हैं वो 24 घंटे हिंसा-हिंसा-हिंसा..नफरत-नफरत-नफरत... आप हिंदू हो ही नहीं. हिंदू धर्म में साफ लिखा है सच का साथ देना चाहिए.'

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