
रामेश्वरम कैफे ब्लास्टः दो आरोपियों पर NIA ने रखा 10-10 लाख का इनाम
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बेंगलुरु के कैफे में ब्लास्ट करने वाले संदिग्ध मुस्सविर हुसैन शाजिब और इस साजिश में शामिल अब्दुल मतीन ताहा पर NIA ने दस-दस लाख रुपये का इनाम घोषित किया है. एनआईए ने इनाम का ऐलान करते हुए कहा कि जो भी संदिग्धों के बारे में सूचना देगा उसका नाम-पता पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा.
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे में एक मार्च को हुए ब्लास्ट के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दो आरोपियों पर 10-10 लाख का इनाम घोषित किया है. एनआईए ने जनता से अपील करते हुए कहा कि ब्लास्ट के संदिग्धों के बारे में सूचना देने वाली की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी.
दोनों आरोपियों पर दस-दस लाख का इनाम बेंगलुरु के कैफे में ब्लास्ट करने वाले संदिग्धों मुस्सविर हुसैन शाजिब और इस साजिश में शामिल अब्दुल मतीन ताहा पर दस-दस लाख रुपये का इनाम रखा गया है. एनआईए ने इनाम का ऐलान करते हुए कहा कि जो भी संदिग्धों के बारे में सूचना देगा उसका नाम-पता पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा. उसकी पहचान किसी पर भी जाहिर नहीं की जाएगी.
दोनों संदिग्धों पर पहले से था 3-3 लाख इनाम आपको बता दें की दोनों संदिग्ध मुस्सविर हुसैन शाजिब और अब्दुल मतीन ताहा पहले से ही साल 2020 के एक आतंकी मामले में वांटेड हैं और इन पर एनआईए (NIA) ने 3-3 लाख का इनाम रखा हुआ था. वांटेड रहते हुए भी दोनों ने बम धमाके की वारदात को अंजाम दिया था. दोनों शिवमोगा के ISIS मॉड्यूल से जुड़े हुए थे.
प्रमुख साजिशकर्ता गिरफ्तार रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को उस वक्त बड़ी सफलता मिली, जब बुधवार को तीन राज्यों में कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर छापेमारी के बाद एनआईए ने एक प्रमुख साजिशकर्ता को गिरफ्तार कर लिया है. एनआईए की टीमों द्वारा कर्नाटक में 12, तमिलनाडु में 5 और उत्तर प्रदेश में एक जगह सहित कुल 18 स्थानों पर कार्रवाई की गई थी.
मुजम्मिल शरीफ हिरासत में इस दौरान सह-साजिशकर्ता मुजम्मिल शरीफ को हिरासत में लिया गया था. एनआईए ने इस केस को 3 मार्च को अपने हाथ में लिया था. पहले मुख्य आरोपी मुसाविर शाजीब हुसैन की पहचान की थी, जिसने विस्फोट को अंजाम दिया था. जांच एजेंसी ने इस मामले में एक अन्य साजिशकर्ता अब्दुल मथीन ताहा की भी पहचान की थी, जो अन्य मामलों में भी एजेंसी द्वारा वांछित है. दोनों व्यक्ति फरार हैं.
शरीफ ने मुहैया कराए थे. एनआईए की जांच से पता चला है कि मुजम्मिल शरीफ ने विस्फोट से जुड़े मामले में अन्य दो पहचाने गए आरोपियों को लॉजिस्टिक मुहैया कराए थे. आज इन तीनों आरोपियों के घरों के साथ-साथ अन्य संदिग्धों के आवासीय परिसरों और दुकानों पर भी छापेमारी की गई. तलाशी के दौरान नकदी के साथ-साथ विभिन्न डिजिटल उपकरण जब्त किए गए. फरार आरोपियों को पकड़ने और धमाके के पीछे की बड़ी साजिश का खुलासा करने की कोशिशें जारी हैं.

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