
राजस्थान इलेक्शन 2023: समर्थकों ने रो-रोकर सामने रख दी पगड़ी, फिर भी नहीं माने हेमाराम चौधरी, चुनाव न लड़ने की बताई वजह
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राजस्थान चुनाव 2023: जहां एक तरफ कई नेता, विधायक और मंत्री टिकट पाने के लिए तरस रहे हैं तो वहीं गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री हेमाराम चौधरी ने चुनाव लड़ने से मना कर दिया है. इससे उनके समर्थकों में काफी निराशा है. हेमाराज ने चुनाव लड़ने की वजह भी बताई है. बावजूद इसके, समर्थक चाहते हैं कि वो चुनाव लड़ें.
चुनावी मौसम में जहां एक तरफ नेता, विधायक और मंत्री अपनी टिकट के लिए दिल्ली और जयपुर के चक्कर काट रहे हैं. तो दूसरी तरफ मारवाड़ के कद्दावर किसान नेता और गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री हेमाराम चौधरी चुनाव लड़ने से मना कर चुके हैं. इसी बात से मंत्री हेमाराम चौधरी के समर्थक बेहद निराश हैं. सोमवार को हेमाराम चौधरी के हजारों समर्थकों ने महाकुंभ का आयोजन कर मंत्री हेमाराम चौधरी को चुनाव लड़ने के लिए मनाने की कोशिश की.
रैली में लोग रो पड़े और अपनी पगड़ी तक हेमाराम चौधरी के पैरों में रख दी. लेकिन, हेमाराम चौधरी चुनाव लड़ने के लिए राजी नहीं हुए. हेमाराम चौधरी का कहना है कि मैं जनता की पूरे कामकाज नहीं करवा सका इसलिए अब मैं चुनाव नहीं लड़ना चाहता. बता दें, सचिन पायलट गुट के सबसे वरिष्ठ नेता हैं हेमाराम चौधरी.
हेमाराम चौधरी के समर्थकों ने कहा कि आज के समय के अंदर ऐसे नेता बहुत कम बचे हैं जो कि अपनी ईमानदारी से काम करते हैं. 1 रुपए तक का भ्रष्टाचार या कोई आरोप उन पर कभी नहीं लगा है. समर्थकों ने कहा कि हेमाराम चौधरी जनता के लिए आधी रात को भी हाजिर रहते हैं. ऐसा नेता हमारी विधानसभा को फिर कभी नहीं मिलेगा. इसलिए हम चाहते हैं कि हेमाराम चौधरी आखिरी चुनाव हमारे कहने पर लड़ें.
वहीं, मंत्री हेमाराम चौधरी ने 'आजतक' को बताया कि आखिर क्यों वो चुनाव नहीं लड़ना चाहते. कहा कि सबसे बड़ी वजह ये है कि बहुत से ऐसे प्रोजेक्ट हैं जो कि मैं अपनी ही सरकार में पूरा नहीं करवा पाया. हालांकि, उन्होंने किसी का नाम तो नहीं लिया। लेकिन, इशारा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर करते नजर आए. पानी से लेकर कई अन्य योजनाएं मेरे इलाके में अभी तक शुरू नहीं हुई हैं. ऐसे में फिर से मैं चुनाव लड़कर यहां की जनता के साथ में धोखा नहीं करना चाहता हूं. यहां की जनता ने मुझे पिछले 45 सालों से अटूट प्यार दिया है. उसी की बदौलत मैं विधायक, मंत्री और प्रतिपक्ष का नेता बन पाया.
हेमाराम ने कहा कि अब मैं यहां की जनता को यह समझा रहा हूं कि नए लोगों को आगे आने का मौका देना चाहिए. मेरी अब रिटायरमेंट की उम्र भी हो चुकी है. लेकिन, जनता मानने को तैयार नहीं है. मैंने पार्टी में अपनी टिकट को लेकर भी आवेदन नहीं किया है. मैं चाहता हूं कि पार्टी जिसे भी उम्मीदवार बनाएं उसके साथ हम तन, मन और धन से जुड़ जाएं.
जानिए कौन हैं हेमाराम चौधरी

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