
रसमलाई, लुंगी और नामर्द...महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनाव में पार हुईं भाषा की सारी हदें
AajTak
महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों में प्रचार थमने से पहले भाषा के लिहाज से सारी हदें पार हुईंं. चुनाव प्रचार के दौरान राज ठाकरे और शिवसेना नेताओं ने रसमलाई, लुंगी से लेकर नामर्द जैसे शब्दों के उपयोग से भी गुरेज नहीं किया.
महाराष्ट्र में नगर निकायों के चुनाव हो रहे हैं. बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) समेत 29 नगर निकायों के लिए हो रहे चुनाव में मतदान 15 जनवरी को होना है. इसके लिए चुनाव प्रचार अंतिम दौर में है. 13 जनवरी की शाम पांच बजे चुनाव प्रचार थम जाएगा, लेकिन इस दौरान भाषा की मर्यादा कई बार तार-तार हुई. चुनाव प्रचार के दौरान रसमलाई, लुंगी से लेकर पैर काटने और नामर्द तक, बहुत बातें ऐसी हुईं, जिन्हें एक स्वस्थ लोकतंत्र सही नहीं कहा जाता. राज ठाकरे और शिवसेना ने कब-कब हदें पार कीं?
रसमलाई
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने बीएमसी चुनाव के लिए एक रैली को संबोधित करते हुए तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के अन्नामलाई को रसमलाई कहा. राज ठाकरे ने कहा कि एक रसमलाई तमिलनाडु से मुंबई आई है.
लुंगी
राज ठाकरे ने अन्नामलाई पर हमला बोलते हुए यह भी कहा कि तुम्हारा यहां क्या कनेक्शन है, जो आए. राज ठाकरे इतने पर ही नहीं रुके. उन्होंने 'हटाओ लुंगी, बजाओ...' का नारा भी दे दिया. एमएनएस प्रमुख के इस बयान और नारे को लेकर सियासी घमासान मच गया.
यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र: AIMIM के समर्थन से BJP नेता का बेटा बना नगरसेवक, आकोट में फिर गरमाई सियासत

PFI लिंक, विदेशी संपर्क और दिल्ली ब्लास्ट... KGMU धर्मांतरण केस में नया मोड़, पुलिस को मिले अहम सबूत
KGMU से जुड़े धर्मांतरण और यौन शोषण केस ने अब आतंकी कनेक्शन की तरफ मोड़ ले लिया है. आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर रमीज की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों के सामने परत दर परत खुलासे हो रहे हैं. PFI लिंक, विदेशी संपर्क और दिल्ली ब्लास्ट के आरोपी डॉक्टर शाहीन से रिश्ते ने इस केस को और गंभीर बना दिया है.

'हर डॉग बाइट और हर मौत के लिए भारी जुर्माना ठोकेंगे', सुप्रीम कोर्ट की राज्य सरकारों को सख्त चेतावनी
आवारा कुत्तों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकारों को चेतावनी दी है. शीर्ष अदालत ने एनिमल बर्थ कंट्रोल नियमों के खराब क्रियान्वयन पर केंद्र और राज्यों को फटकार लगाई. साथ ही, कुत्तों के हमलों से जीवनभर असर पड़ने की स्थिति में डॉग फीडर्स की भी जिम्मेदारी तय करने की बात कही.

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि उत्तरी सीमाओं पर स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है. जम्मू-कश्मीर संवेदनशील है लेकिन नियंत्रण में है. ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी है. पाकिस्तान की किसी भी गलती का सख्त जवाब दिया जाएगा. 90% गोला-बारूद स्वदेशी हो चुके हैं. ब्रह्मोस, ड्रोन, लॉयटरिंग म्यूनिशन पर फोकस है. मणिपुर स्थिर है. महिलाओं की भर्ती सेना में बढ़ेगी.










