
ये हैं प्राचीन भारत के सबसे खतरनाक अस्त्र, 'ब्रह्मास्त्र' अकेला नहीं, जानिए हथियार और उनके उपयोग
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बॉलीवुड फिल्म Brahmastra का Boycott सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. हम फिल्म की बात नहीं कर रहे. हम बताएंगे आपको प्राचीन भारत के अस्त्रों, उनके विज्ञान के बारे में. क्या अंतर होता है इन अस्त्रों में? शस्त्र क्या होते हैं? कैसे छोड़े जाते थे ये हथियार? इन हथियारों का जिक्र अग्नि पुराण (Agni Purana) में किया गया है.
बॉलीवुड की फिल्म ब्रह्मास्त्र (Brahmastra) को लेकर विरोध हो रहा है. #BoycottBrahmastra के नाम से सोशल मीडिया पर विरोधी कैंपेन चला रहे हैं. इस खबर में इस घटना या इवेंट से कोई लेना-देना नहीं है. हम आपको प्राचीन भारत के अस्त्रों-शस्त्रों के बारे में बताएंगे. खासतौर पर दोनों के बीच का अंतर. विशेष तौर पर उन अस्त्रों के बारे में जिन्हें मिसाइल की तरह चलाया जाता था. प्राचीन भारत के वो अस्त्र जिनका जिक्र अग्नि पुराण (Agni Purana) में किया गया है. उनका अंतर समझाया गया है. उनके बारे में विस्तृत विज्ञान को भी बताया गया है.
प्राचीन हथियार (Ancient Weapons) दो तरह के होते थे. पहला शस्त्र (Shastra) यानी जो हाथ में पकड़कर चलाया जाए. जैसे- तलवार, गदा, भाला, फरसा, कुल्हाड़ी, हथौड़ा आदि. दूसरे होते हैं अस्त्र (Astra) यानी वो मिसाइल जैसे हथियार जिन्हें मंत्रों के उच्चारण से लॉन्च किया जाता था.
मिसाइल जैसे हथियारों को पांच प्रमुख हिस्सों में बांटा गया था
अग्नि पुराण में ऐसे अस्त्रों को पांच प्रमुख हिस्सों में बांटा गया है. पहला- यंत्रमुक्त (Yantramukta) यानी वो अस्त्र जो किसी यंत्र से मुक्त होते हों, मतलब किसी मशीन द्वारा लॉन्च किये जाने वाले अस्त्र. दूसरा- पाणिमुक्त (Panimukta) यानी वो अस्त्र जो हाथों से फेंके जाएं. तीसरा- मुक्त संधारिता (Mukta-Sandharita) यानी ऐसे हथियार जो फेंक कर वापस खींच लिए जाएं. चौथा- मुक्त (Mukta) वो जिन्हें फेंकना न पड़े और पांचवां - बहुयुद्ध (Bahuyuddha) यानी ऐसे हथियार जो क्लोज कॉम्बैट यानी नजदीकी लड़ाई के लिए काम आते थे. इन पांचों के कई उप-श्रेणियां (Sub-Categories) भी हैं.
इनमें से चौथा अस्त्र मुक्त (Mukta) ही ऐसा है जिसमें न किसी यंत्र का उपयोग होता न ही हाथ का. ये प्राचीन भारत के सबसे ताकतवर हथियारों में से एक माने जाते थे. इन्हें मंत्रों के जरिए चलाया जाता था. इन पांच हथियारों में शामिल हैं- विष्णुचक्र (Vishnuchakra), वज्रास्त्र (Vajrastra), ब्रह्मास्त्र (Brahmastra), नारायणास्त्र (Narayanastra) और पाशुपतास्त्र (Pashupatastra). इनके अलावा कई और अस्र हैं, जो आपने टीवी पर रामायण और महाभारत के टीवी सीरियल्स में इन हथियारों का उपयोग देखा होगा. अब हम आपको इन हथियारों का थोड़ी-थोड़ी जानकारी देते हैं.
आग्नेयास्त्र (Agneyastra) यानी वो अस्त्र जो आग निकालता है. इसे किसी सामान्य तरीके से बुझाया नहीं जा सकता. वरुणास्त्र (Varuastra) यानी वो अस्त्र जो भारी मात्रा में पानी फेंकता हो. आमतौर पर इस हथियार का उपयोग आग्नेयास्त्र को रोकने के लिए किया जाता था. नागास्त्र (Nagastra) ऐसा अस्त्र था जो सांप फेंकता था, इसके चलने से मौत तय मानी जाती थी. नागपाशास्त्र (Nagapashastra) चलाकर दुश्मन के हथियारों को जहरीलें सांपों से बांध दिया जाता था. इसे किसी अन्य अस्त्र से खत्म नहीं किया जा सकता था. असल में यह उस समय का एक बायोलॉजिकल हथियार था, जो एक झटके में पूरी सेना को बेहोश करने या मार डालने के लिए उपयोग होता था.

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