
म्यांमार की सड़कों पर टैंकों के साथ उतरी सेना, विरोध करने पर 20 साल तक के लिए जेल
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म्यांमार के कई प्रमुख शहरों में सेना सड़कों पर उतर आई है. इसी दौरान कानून में बदलाव करते हुए प्रदर्शनकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है.
म्यांमार की सेना ने देश में तख्तापलट का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी है कि उन्हें नए कानून के तहत 20 साल तक के लिए जेल में डाला जा सकता है. प्रदर्शनकारियों से कहा गया है कि अगर उन्होंने सुरक्षाबलों के काम में बाधा पहुंचाई या फिर सैन्य शासकों के खिलाफ नफरत भड़काने की कोशिश की तो जेल और जुर्माने की सजा दी जा सकती है. म्यांमार की सेना ने एक फरवरी को देश में तख्तापलट कर दिया था. (फोटोज- AP) सेना ने कहा है कि सुरक्षा बलों के काम में बाधा पहुंचाने पर 7 साल की जेल और जनता में डर पैदा करने या अस्थिरता लाने की कोशिश करने पर 3 साल तक की जेल हो सकती है. वहीं, सेना के आदेश के बाद देश के बड़े हिस्से में रविवार से सोमवार के बीच इंटरनेट को बंद कर दिया गया. मिकिइना में सुरक्षाबलों की ओर से गोलीबारी किए जाने की रिपोर्ट भी आई है.
ग्रीनलैंड में आजादी की मांग दशकों से चल रही है. फिलहाल यह द्वीप देश डेनमार्क के अधीन अर्ध स्वायत्त तरीके से काम करता है. मतलब घरेलू मामलों को ग्रीनलैंडर्स देखते हैं, लेकिन फॉरेन पॉलिसी और रक्षा विभाग डेनमार्क सरकार के पास हैं. अब कयास लग रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद के बीच वहां अलगाववाद को और हवा मिलेगी.

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