
मौत के पांच दिन के भीतर इराक में पैदा हो गए सौ से ज़्यादा ‘नसरल्लाह’, रोज बढ़ रही संख्या!
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हसन नसरल्लाह को इजरायल ने 27 सितंबर को एयरस्ट्राइक कर मार गिराया. उसकी हत्या के बाद से इराक में 100 से अधिक नवजात बच्चों का नाम 'नसरल्लाह' रखा गया है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या नसरल्लाह नाम अरब दुनिया में प्रतिरोध और संघर्ष का प्रतीक बन रहा है?
हिज़्बुल्लाह चीफ की इजरायल द्वारा की गई हत्या के बाद उसके सम्मान में इराक में 100 से अधिक नवजात बच्चों का नाम 'नसरल्लाह' रखा गया है. नसरल्लाह की मौत ने जहां एक ओर मध्य पूर्व में हलचल मचा दी है, वहीं दूसरी ओर उसके नाम की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है. नसरल्लाह को इजरायल के खिलाफ संघर्ष और प्रतिरोध का प्रतीक माना जाता था. अब अपनी मौत के बाद वह अपने नाम से नई पीढ़ी में प्रेरणा के स्रोत बन रहा है.
इजरायली हवाई हमले में हसन नसरल्लाह की मौत
इजरायल ने 27 सितंबर 2024 की रात एक हवाई हमले में हिज़्बुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह को मार गिराया. यह हमला बेरूत के दहियेह इलाके में हुआ, जिसे हिज़्बुल्लाह का गढ़ माना जाता है. यहां एयरस्ट्राइक कर इजरायल ने हिज्बुल्लाह के हेडक्वार्डर को नस्तेनाबूत कर दिया. इसी 6 मंजिला इमारत के नीचे बने हेडक्वार्टर में नसरल्लाह मौजूद था. उसकी मौत न केवल हिज़्बुल्लाह के लिए बल्कि पूरे अरब वर्ल्ड के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है. इजरायल ने इस हमले को अपनी बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा. लेकिन इस घटना के बाद नसरल्लाह की लोकप्रियता और उसके प्रति सम्मान ने एक नया रूप ले लिया है. यही कारण है कि अरब देशों के लोग अपने नवजात बच्चों का नाम 'नसरल्लाह' रख रहे हैं.
'नसरल्लाह' नाम की बढ़ती लोकप्रियता
अरब देशों में 'नसरल्लाह' नाम हमेशा से एक खास महत्व रखता आया है. इसका अर्थ है 'ईश्वर की सहायता' और यह नाम संघर्ष और प्रतिरोध की भावना से जुड़ा हुआ है. हसन नसरल्लाह के कारण यह नाम और भी अधिक चलन में आ गया. उसकी मौत के बाद इराक में अब तक 100 से अधिक बच्चों का नाम 'नसरल्लाह' रखा गया है.
इराक के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि लेबनानी हिज़्बुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह की मौत के बाद से लगभग 100 नवजात बच्चों का नाम 'नसरल्लाह' रखा गया है. लोकल मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंत्रालय ने इराक के अलग-अलग क्षेत्रों में 100 नवजातों के नाम नसरल्लाह के रूप में रजिस्टर किए हैं. यह इस बात का संकेत है कि नसरल्लाह की मौत के बाद भी उसका नाम एक गहरी छाप छोड़ रहा है.

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