
मोदी सरकार ने दिया झटका तो बौखलाया चीन का ग्लोबल टाइम्स, देने लगा नसीहत
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भारत सरकार ने सितंबर 2014 में 'मेक इन इंडिया' अभियान लॉन्च किया था. भारत सरकार लगातार ऐसे फैसले ले रही है जिससे 'मेक इन इंडिया' की रफ्तार बढ़ सके. इसी क्रम में भारत ने लैपटॉप और कंप्यूटर के आयात पर बैन लगाने का फैसला किया है जिस पर चीनी अखबार भड़क गया है.
भारत सरकार ने 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देने के लिए बीते गुरुवार को एक बड़े फैसले में लैपटॉप और कंप्यूटर के आयात पर बैन की घोषणा की है. वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन जारी कर कहा कि अब इन सामानों के आयात के लिए वैध लाइसेंस लेना जरूरी है. सरकार का यह फैसला 1 नवंबर 2023 से लागू हो जाएगा. भारत के इस कदम से चीन को बहुत बड़ा झटका लगा है क्योंकि वहां का इलेक्ट्रॉनिक मार्केट बहुत बड़ा है और लैपटॉप कंप्यूटर बेचने वाली लगभग सभी कंपनियां चीन जैसे देशों से ही भारत को सप्लाई करती हैं.
इस आयात प्रतिबंध से चीन का सरकारी अखबार ग्लोबल बौखला गया है और उसने एक लेख में भारत के 'मेक इन इंडिया' पर अपनी भड़ास निकाली है.
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र समझे जाने वाले ग्लोबल टाइम्स ने कहा है कि जब से भारत की नरेंद्र मोदी सरकार ने 'मेक इन इंडिया' प्रोग्राम शुरू किया है, तब से भारत लगातार कई सामानों के आयात पर रोक लगाने और स्थानीय मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए संरक्षणवादी नीतियां जारी करता है.
चीनी अखबार ने लिखा, 'फिर भी भारत की सरकार अपनी कोशिश में नाकामयाब रही है जो दिखाता है कि भारत मैन्यूफैक्चरिंग की समस्याओं से निपटने में असफल रहा है. इससे भारत के कारोबारी माहौल में निवशकों का विश्वास भी कमजोर होगा.'
भारत ने दिया झटका तो बिलबिला उठा चीन
अखबार ने लिखा कि भारत के लैपटॉप और टैबलेट बाजार में विदेशी ब्रांड्स का दबदबा है. भारत के घरेलू ब्रांड्स लगातार खराब प्रदर्शन कर रहे हैं.

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