
मोदी-पुतिन-जिनपिंग के गले मिलने पर अमेरिका को लगी मिर्ची... क्या लिखा जा रहा वहां की मीडिया में?
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चीन के तियानजिन शहर में आयोजित एससीओ बैठक की चर्चा अमेरिका में खूब हो रही है. वहां के अखबारों में बैठक की तस्वीरें छाई हुई हैं और लिखा जा रहा है कि ट्रंप के टैरिफ की वजह से भारत चीन के करीब जा रहा है. पीएम मोदी और पुतिन की कार में हुई निजी बैठक की भी काफी कवरेज हुई है.
चीन के उत्तरी शहर तियानजिन में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक खत्म हो चुकी है लेकिन इसकी चर्चा अब भी दुनियाभर में हो रही है. इस सम्मेलन में दुनिया की तीन बड़ी महाशक्तियों भारत, रूस और चीन ने साथ आकर अमेरिकी प्रभुत्व को टक्कर दी है और तीनों राष्ट्राध्यक्षों की तस्वीरें दुनियाभर में छाई हुई हैं. एससीओ सम्मेलन की खबरों से अमेरिकी अखबार भी पटे पड़े हैं. अमेरिकी मीडिया में चल रही खबरों में एक बात कॉमन है और वो ये कि ट्रंप का टैरिफ भारत को चीन की तरफ धकेल रहा है.
एससीओ की बैठक ट्रंप के टैरिफ की पृष्ठभूमि में हो रही है जिसमें वो भारत और चीन जैसे अहम व्यापारिक साझेदारों को निशाना बना रहे हैं. ट्रंप ने रूसी तेल की खरीद से नाराज होकर भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया है जिसके साथ ही भारत पर अमेरिकी टैरिफ बढ़कर 50% हो गया है. अमेरिका टैरिफ को लेकर चीन पर भी सख्त है, हालांकि, चीन के साथ उसकी व्यापार वार्ता अभी चल रही है.
ट्रंप के निशाने पर आए दुनिया के तीन बड़े देशों ने एससीओ शिखर सम्मेलन में साथ आकर संदेश देने की कोशिश की है कि अब दुनिया बहुध्रुवीय हो रही है जिसमें अमेरिका की दादागिरी नहीं चलेगी.
अमेरिकी ब्रॉडकास्टर सीएनएन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच कार में लगभग एक घंटे चली बातचीत की काफी चर्चा है. सीएनएन ने लिखा कि सोमवार को एससीओ बैठक में पीएम मोदी ने मेजबान चीन और रूस के साथ अपने संबंधों पर चर्चा की. उन्होंने पुतिन को गले लगाया और फिर दोनों हाथ में हाथ डालकर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का अभिवादन करने के लिए एक साथ आगे बढ़े. तीनों नेताओं ने चेहरे पर मुस्कान लिए एक-दूसरे से बात की और साथ हंसते दिखाई दिए.
पीएम मोदी और पुतिन की निजी बातचीत को लेकर सीएनएन ने लिखा, 'रूस की सरकारी मीडिया के अनुसार, मोदी और पुतिन ने औपचारिक वार्ता के लिए जाते समय रूसी राष्ट्रपति की लिमोजिन कार ऑरस में लगभग एक घंटे तक निजी बैठक की. बैठक की शुरुआत में मोदी ने कहा कि भारत और रूस हमेशा सबसे कठिन समय में भी कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे हैं.'
पीएम मोदी और पुतिन की बैठक को लेकर विदेश मंत्रालय की तरफ से एक बयान जारी किया गया था जिसका हवाला देते हुए सीएनएन ने लिखा कि मोदी ने यूक्रेन में संघर्ष को सुलझाने के लिए और एक स्थायी शांति समझौता खोजने की जरूरत पर जोर दिया.

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

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