
'मैं मॉडर्न जमाने का अभिमन्यु हूं, मुझे चक्रव्यूह से निकलना आता है', जानें ऐसा क्यों बोले केजरीवाल
AajTak
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनाव के सियासी मिजाज की थाह लेने के लिए आजतक ने एमसीडी पंचायत कार्यक्रम रखा, जिसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शिरकत की. इस दौरान उन्होंने हर सवाल का बेबाकी से जवाब देते हुए कहा कि बीजेपी सिर्फ आम आदमी पार्टी से ही डरती है. इसीलिए गुजरात और दिल्ली एमसीडी का चुनाव एक साथ रखा.
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनाव के लिए चार दिसंबर को मतदान है और साथ ही गुजरात में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी तपिश गर्म है. ऐसे में दिल्ली के सियासी मिजाज को समझने के लिए आजतक ने 'एमसीडी पंचायत' कार्यक्रम रखा. इस कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शिरकत की. वह बोले कि बीजेपी ने मुझे फंसाने के लिए गुजरात के साथ दिल्ली एमसीडी चुनाव कराया, लेकिन मैं नए जमाने का अभिमन्यू हूं.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एक बात को साफ है कि बीजेपी अगर किसी से डरती है तो सिर्फ आम आदमी पार्टी से. उन्होंने कहा कि गुजरात के साथ ही दिल्ली में एमसीडी चुनाव कराया. इन लोगों ने हमे चक्रव्यूह में फंसाने की कोशिश की, लेकिन मैं मॉर्डन जमाने का अभिमन्यु हूं. वो अभिमन्यूह चक्रव्यूह में फंस गया था, लेकिन मुझे इनके चक्रव्यूह से निकलना आता है.
गुजरात चुनाव पर क्या बोले केजरीवाल?
केजरीवाल ने कहा कि गुजरात के लोगों ने बहुत प्यार दिया. माहौल है, ऐसा लगता है कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनेगी. मेरे लिए गुजरात और दिल्ली दोनों ही जगह के लोग हमारे हैं. हम दिल्ली भी जीतेंगे और गुजरात में भी सरकार बननी चाहिए. एमसीडी का चुनाव अगर अप्रैल में होते तो बीजेपी की 60 से 67 सीटें आ रही थी, लेकिन अब उनकी बीस से कम सीटें आ रही है.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि छह महीने में बीजेपी के लोगों ने जो गंध मचाया, उससे बीजेपी का ही नुकसान हुआ है. मनीष सिसोदिया के ऊपर आरोप लगाए और सत्येंद्र जैन को जेल में डाल दिया. निगेटिव राजनीतिक को लोग पसंद नहीं करते हैं. इसीलिए बीजेपी गुजरात भी हारेगी और दिल्ली में तो हार ही रहे हैं.
सुकेश को स्टार प्रचारक बनाए बीजेपी- केजरीवाल

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.









