
'मेरा बेटा शेर की तरह लड़ा...', अतीक अहमद को उम्रकैद की सजा मिलने पर बोलीं उमेश पाल की मां
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उमेशपाल के अपहरण केस में कोर्ट ने अतीक अहमद समेत तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुना दी है. उमेशपाल के परिवार ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है. हालांकि उन्होंने आशंका जताई है कि वह जेल के अंदर से भी उन्हें नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए अब उनके बेटे की हत्या के केस में उसे फांसी की सजा दी जाए.
उमेश पाल के अपहरण केस में प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट ने अतीक अहमद, हनीफ और दिनेश पासी को दोषी करार दिया है. कोर्ट ने तीनों को उम्र कैद की सजा सुनाई है. तीनों को 364a, 34, 120, 341, 342,504,506 धाराओं में दोषी पाया गया है. वहीं अतीक के भाई अशरफ समेत 7 आरोपियों को बरी कर दिया गया. कोर्ट ने अतीक के भाई अशरफ, अंसार बाबा, फरहान, इसरार, आबिद प्रधान, आशिक मल्ली और एजाज अख्तर को बरी किया है.
कोर्ट का फैसला आने के बाद उमेश पाल की मां मीडिया के सामने आईं. उन्होंने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा- हम पहले भी कह रहे थे कि अतीक अहमद ने मेरे बेटे का अपहरण कर उसे तीन दिन तक अपने ठिकाने पर रखा था, हालांकि काफी विरोध के बाद उसने मेरे बेटे को छोड़ दिया. इसके बाद भी मेरा बेटा लड़ाई लड़ता चला आया.
उमेश पाल 2005 में हुए राजूपाल हत्याकांड में मुख्य गवाह था. कोर्ट का यह फैसला इसलिए काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि उमेश की 24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में गोली मारकर हत्या कर दी गई.
उमेश पाल की मां ने कहा- आज तक किसी ने अतीक से आंख नहीं मिलाया लेकिन मेरा बेटा शेर की तरह लड़ा. अपने फैसले का इंतजार करते आखिरी में... पूरा मामला तय हो गया था, उसे उम्मीद थी कि अतीक को सजा मिलेगी लेकिन उसने मेरे बेटे का मर्डर करवा दिया. मुझे विश्वास था कि कोर्ट यही फैसला सुनाएगी लेकिन यह फैसला मेरे बेटे के अपहरण केस पर आया है, अभी मेरे बेटे की हत्या पर फैसला आना बाकी है.
अतीक ने खाकी वर्दी, काले कोट का अपमान किया
उमेश पाल की मां ने आगे कहा- मेरा बेटा कलम की लड़ाई लड़ता था, कोई बम-गोले की लड़ाई नहीं लड़ता था, इसलिए मुझे विश्वास है कि मेरे बेटे के मर्डर केस में कोर्ट अतीक अहमद को फांसी की सजा सुनाएगी. उसने मेरे बेटे ही नहीं उसकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को भी मार डाला. हत्या के वक्त तीनों वर्दी में थे. अतीक अहमद ने काले कोट और खाकी वर्दी की बेइज्जती कर दी. ऐसे लोग आगे आम पब्लिक को क्या छोड़ेंगे? मेरी सीएम योगी आदित्यनाथ से विनती है कि उसे फांसी की सजा दिलाएं. इनको जिंदा न रखा जाए.

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