
'मुझे बेवकूफ बनाया...', नित्यानंद के 'कैलासा' संग 'समझौते' करने वाले पराग्वे के अधिकारी हुए बर्खास्त
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नित्यानंद का फर्जी राष्ट्र कैलासा एक बार फिर चर्चाओं में है. रेप का आरोप लगने के बाद नित्यानंद भारत से फरार होकर दक्षिण अमेरिका के इक्वाडोर देश में जमीन का एक टुकड़ा खरीद लिया है और इसे एक संप्रभु राष्ट्र बताता है. नित्यानंद दावा करता है कि कैलासा का अपना रिजर्व बैंक, खुद की करंसी और अलग संविधान भी है.
भारत से भागकर दक्षिण अमेरिकी देश एक्वाडोर में अपना अलग देश 'कैलासा' बनाने का दावा करने वाला स्वामी नित्यानंद आए दिन चर्चाओं में रहता है. दक्षिण अमेरिका का ही एक देश पराग्वे में कैलासा को लेकर मचे बवाल के बाद नित्यानंद का फर्जी देश कैलासा एक बार फिर चर्चा में है.
दरअसल, नित्यानंद के स्वघोषित देश कैलासा से एक समझौता ज्ञापन करने पर पराग्वे ने अपने एक सीनियर अधिकारी अर्नाल्डो चामोरो को बर्खास्त कर दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, अर्नाल्डो चामोरो ने कैलासा के साथ सहयोग ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया था, लेकिन पराग्वे ने चामोरो को तब बर्खास्त कर दिया जब उसे पता चला कि कैलासा का कोई अस्तित्व ही नहीं है. यानी कैलासा एक फर्जी देश है.
बर्खास्त किए गए अधिकारी अर्नाल्डो चामोरो ने गुरुवार को संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि दक्षिण अमेरिकी द्वीप पर स्थित कैलासा के कथित अधिकारियों के साथ दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने के बाद उसे कृषि मंत्री के कर्मचारी के प्रमुख के रूप में नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है.
कैलासा के तथाकथित अधिकारियों द्वारा बेवकूफी का शिकार हुए चामोरो ने मूर्ख बनने की बात भी स्वीकार की है. चामोरो ने कहा है कि फर्जी देश कैलासा के कुछ अधिकारी उसके पास आए और पराग्वे की मदद करने की इच्छा व्यक्त की. उन्होंने कई परियोजनाओं की भी पेशकश की. हमने उनकी बात सुनी और उस दस्तावेज पर दस्तखत कर दिए. जिसके बाद बुधवार को मुझे बर्खास्त कर दिया गया.
मंत्री को भी बनाया बेवकूफ
अर्नाल्डो चामोरो का कहना है कि फर्जी देश कैलासा के अधिकारियों ने मंत्री कार्लोस जिमनेज से भी मुलाकात की. हालांकि, फर्जी अधिकारियों का मकसद पता नहीं चल सका है. लेकिन दोनों पक्षों की ओर से हस्ताक्षरित ज्ञापन में दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध स्थापित करने की बात कही गई थी.

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