
मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव! ईरान ने पहली बार निकाली 'सेजिल' मिसाइल, अब क्या होगा ट्रंप का फाइनल वार?
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पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को 16 दिन हो चुके हैं और तनाव लगातार बढ़ रहा है. ईरान ने इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं तथा पहली बार 2000 किलोमीटर मारक क्षमता वाली 'सेजिल' मिसाइल का इस्तेमाल किया है. वहीं अमेरिका ने ईरान के खर्ग द्वीप पर हमला किया है और क्षेत्र में अपने युद्धपोत तैनात किए हैं. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव से वैश्विक तेल आपूर्ति पर खतरा मंडरा रहा है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल की आशंका जताई जा रही है.
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को 16 दिन हो चुके हैं और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं. इजरायल में आजतक संवाददाता श्वेता सिंह की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार ईरान के हमले लगातार तेज हो रहे हैं, जिससे इजरायल, अमेरिकी सैन्य ठिकानों और खाड़ी देशों पर दबाव बढ़ता जा रहा है. इस संघर्ष के बीच दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा भी संकट में पड़ गई है, जिसकी सबसे बड़ी वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के समुद्री तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा संभालता है. ऐसे में यहां तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल आपूर्ति पर सीधा असर पड़ रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक महायुद्ध शुरू होने से 11 दिन पहले, 17 फरवरी को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने होर्मुज के पास बड़े सैन्य अभ्यास का वीडियो जारी किया था, जिसमें मिसाइलों से जहाजों पर हमले का प्रदर्शन किया गया था. इसे युद्ध से पहले ईरान की शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा गया.
ईरानी ने निकाली 'सेजिल' मिसाइल दूसरी ओर ईरान ने भी हमले तेज कर दिए हैं. ईरानी मीडिया के मुताबिक इजरायल के सुरक्षा प्रतिष्ठानों और पुलिस मुख्यालयों को निशाना बनाकर बड़ी संख्या में ड्रोन लॉन्च किए गए हैं. इसके अलावा ईरान ने पहली बार इस युद्ध में अपनी मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल 'सेजिल' का इस्तेमाल किया है, जिसकी मारक क्षमता करीब 2000 किलोमीटर बताई जाती है.
डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा था? युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार होर्मुज को लेकर बयान देते रहे हैं. 3 मार्च को उन्होंने कहा था कि जरूरत पड़ने पर अमेरिकी नौसेना तेल टैंकरों को एस्कॉर्ट करेगी. 9 मार्च को उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान होर्मुज से तेल परिवहन रोकता है तो अमेरिका और ज्यादा ताकत से हमला करेगा. 11 मार्च को ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की नौसैनिक क्षमता को नाकाम कर दिया है. हालांकि 15 मार्च तक स्थिति यह हो गई कि ट्रंप ने दूसरे देशों से भी अपने युद्धपोत भेजकर होर्मुज की सुरक्षा में शामिल होने की अपील कर दी.
इस बीच क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है. रिपोर्ट के अनुसार ओमान के सलालाह बंदरगाह पर ईरानी ड्रोन हमले के बाद आग लग गई, जबकि बहरीन के मुहर्रक इलाके में भी हमले की खबर सामने आई है. एक थाई जहाज पर हमले की सूचना मिलने के बाद चीन का एक कार्गो जहाज भी रास्ता बदलकर यूएई के तट की ओर लौट गया.
खर्ग द्वीप से तेल का निर्यातअमेरिका ने इस बीच ईरान के खर्ग द्वीप पर हमला करने की पुष्टि की है. यह द्वीप ईरान के तेल निर्यात का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है. खर्ग द्वीप से हर दिन करीब 20 लाख बैरल तेल का निर्यात होता है और ईरान के कुल कच्चे तेल निर्यात का लगभग 90 प्रतिशत यहीं से होता है. विशेषज्ञों के मुताबिक इस द्वीप पर हमला कर अमेरिका ईरान की आर्थिक ताकत पर चोट पहुंचाना चाहता है.

क्या ईरान युद्ध में अमेरिका फंस गया है? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ट्रंप के लिए अब बड़ी चुनौती बन गया है. ट्रंप दावे तो बहुत करते हैं, लेकिन हकीकत ये है कि होर्मुज समुद्री मार्ग अभी भी बंद है. ईरान जिसे चाहता है उसके जहाज जाने देता है. बिना ईरान की सहमति के कोई जहाज वहां से नहीं निकल सकता. देखें श्वेता सिंह की ये रिपोर्ट.

ईरान ने पहली बार अपनी घातक मिसाइल सेजिल का इस्तेमाल कर इजरायल पर हमला किया है. इस हमले से ईरान ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ 54वां चरण शुरु कर दिया है. IRGC के ऐरोस्पेस प्रमुख ने बताया कि सेजिल मिसाइल से कमांड और कंट्रोल केंद्रों पर मला किया. इस मिसाइल में ईरान के अंदर से इजरायल को निशाना बनाने की पूरी क्षमता है.

सोशल मीडिया पर चल रही मौत की खबरों के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें वह एक शॉप में कॉफी पीते हुए दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में नेतन्याहू मजाकिया अंदाज में कहते हैं कि लोग कह रहे हैं कि मर गया है...क्या आप भी यही पूछ रहे हैं? इसके बाद उन्होंने कैमरे के सामने अपने दोनों हाथों को दिखाते हुए कहा, 'लोग मेरी उंगलियां भी गिन सकते हैं.










