
महंगाई आसमान छू रही, बजट में कटौती, फिर भी PoK सरकार ने 34 करोड़ में खरीद लीं 72 गाड़ियां
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पाक अधिकृत कश्मीर की सरकार ने 34 करोड़ रुपये में 72 नई गाड़ियां खरीदी हैं. ये सब तब किया गया है जब वहां पर लोग महंगाई से परेशान हैं और स्कूल में शिक्षकों की कमी है.
पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति हर बीतते दिन के साथ और ज्यादा खराब होती जा रही है. पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में भी बढ़ती महंगाई और छोटे होते बजट की वजह से लोग तमाम तरह की परेशानियां झेल रहे हैं. लेकिन इन परेशानियों से वहां की सरकार का कोई सरोकार नजर नहीं आ रहा. हाल ही में पीओके सरकार ने 34 करोड़ रुपये में 72 नई आलीशान गाड़ियां खरीद ली हैं.
ये गाड़ियां उस समय खरीदी गई हैं जब पीओके सरकार के ही मंत्री आरोप लगा रहे हैं कि उनके बजट में पाकिस्तान सरकार ने कटौती कर दी है. जब कहां जा रहा है कि इस एक फैसले की वजह से पीओके की अर्थव्यवस्था और ज्यादा चरमरा सकती है. लेकिन उन तमाम चिंताओं के बीच सरकार के बड़े लोगों के लिए आला दर्जे की महंगी गाड़ियां खरीदी गई हैं. इस लिस्ट में Mercedes Benz S500, MATIC Sedan Long (RHD) जैसी गाड़ियां शामिल हैं.
वहां की स्थानीय मीडिया के मुताबिक पीओके सरकार के सर्विस डिपार्टमेंट ने ये गाड़ियां अपने राष्ट्रपति बैरिस्टर सुल्तान महमूद के लिए खरीदी हैं. लेकिन अभी तक इस खरीदी को लेकर कोई औपचारिक ऐलान नहीं किया गया है. वहीं इस बारे में जब पीओके राष्ट्रपति के प्रवक्ता से बात की गई तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि गाड़ियों का ऑर्डर तो पिछली सरकार ने किया था.
अब प्रवक्ता ने तो जरूर इस ऑर्डर को पिछली सरकार पर डाल दिया, लेकिन वहां के स्थानीय लोग, बड़े सामाजिक कार्यकर्ता इस खरीदी से खासा नाराज हैं. आलम ऐसा हो गया है कि लोग कह रहे हैं कि पाकिस्तान के पास जहर खरीदने के पैसे नहीं है, यहां गाड़ियां खरीदी जा रही हैं. इस बारे में सऊदी अरब के एक्टिविस्ट साद महमूद कहते हैं कि पाकिस्तान में जहर खाने के पैसे नहीं हैं, लेकिन यहां की सरकारों के महंगे शौक खत्म होने का नाम नहीं ले रहे.
वैसे ये कोई पहली बार नहीं है जब पीओके सरकार ने खस्ता हालात के बावजूद भी गाड़ियों पर पानी की तरह पैसा बहाया हो. कुछ समय पहले ही पीओके सरकार ने 20.34 मिलियन रुपये में चार 1800cc वाली Toyota Corolla गाड़ियां खरीदी थीं.
अब पीओके सरकार के ये शौक उस समय पूरे हो रहे हैं जब पाक अधिकृत कश्मीर में स्कूलों में बच्चों के पास बैठने के लिए चेयर नहीं है. यहां तक कि उन छात्रों को स्कूल में शौचालय भी नहीं मिलता है और पीने के पानी की भी सही व्यवस्था नहीं है. UKPNP के चेयरमेन शौकत अली बताते हैं कि स्कूलों में शिक्षकों की भी भारी कमी हो गई है.

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