
मसूद, हाफिज या कोई और... भारत की एयर स्ट्राइक में मरा कोई बड़ा आतंकी, जिसकी मौत पर असीम मुनीर से लेकर पाक प्रेसिडेंट तक ने बहाए आंसू
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हाफिज सईद को अबकी अंदाजा नहीं रहा होगा कि भारत सीधे इंटरनेशनल बॉर्डर से 30 किमी भीतर मुरीदके में हमला कर देगा. जहां हाफिज ने मुंबई हमले के आतंकवादियों की ट्रेनिंग कराई, वह ट्रेनिंग कैंप आज मिट्टी में मिल चुका है. भारत अब तक टेरर लॉन्च पैड पर हमला करता था, लेकिन अबकी बार सीधे हाफिज के आतंकी गढ़ को ध्वस्त कर दिया गया है.
पाकिस्तान खौफ में है. इसकी वजह हैं भारत के तेवर. विदेश सचिव विक्रम मिस्री से जब एक विदेशी राजनियक ने आज पूछा कि क्या भारत का ऑपरेशन पूरा हो गया है तो विक्रम मिस्री ने दो टूक जवाब दिया. उन्होंने कहा कि अभी सिर्फ 9 ही आतंकी कैंपों पर हमला हुआ है. सवाल है कि क्या आगे भी भारत की आतंकी कैंप पर दोबारा स्ट्राइक की तैयारी है.
पाकिस्तान के बहावलपुर से मुरीदके तक, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मुजफ्फराबाद से कोटली तक भारत के हमले के बाद मारे गए आतंकवादियों में एक ताबूत ऐसा है जिसने एक सवाल को जिंदा कर दिया है. सवाल ये कि क्या भारत के मिसाइल हमले में मसूद अजहर, हाफिज सईद या फिर इन दोनों जितना बड़ा आतंकवादी मारा गया है? क्योंकि जब पाकिस्तान में आतंकियों के तमाम ताबूत आज उठे तो उनमें इकलौता यही वो ताबूत रहा, जिसके लिए पाक आर्मी चीफ और पाकिस्तानी राष्ट्रपति तक ने फूल चढ़ाने को भेजे.
मुरीदके पहुंचा आतंकी का ताबूत
रात एक बजकर पांच मिनट से रात डेढ़ बजे तक 25 मिनट के भीतर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में पांच जगह पर और पाकिस्तान में सीधे घुसकर चार जगहों पर भारत ने आतंक के नौ बड़े ठिकानों को मिट्टी में मिला दिया. इसमें हाफिज सईद से लेकर मसूद अजहर तक के आतंक के वो अड्डे, मरकज शामिल हैं, जहां करीब तीन दशक से हाफिज और मसूद आतंकवादियों को ट्रेनिंग देकर भारत में हमले कराते रहे हैं.
भारत ने जो एयर स्ट्राइक की है उसके बाद एक आतंकी के शव को ताबूत में रखकर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुरीदके में लाया गया. पंजाब प्रांत में निकलता ये ताबूत क्या हाफिज सईद या मसूद अजहर का हो सकता है? ये सवाल इसलिए पैदा हुआ है क्योंकि पंजाब प्रांत में ही आने वाले बहावलपुर और मुरीदके में भी भारत ने रात में हमला किया है. बहावलपुर के मरकज सुभान-अल्लाह को मिसाइल अटैक से जमींदोज कर दिया गया है. यानी वो जगह जो मसूद अजहर का सबसे बड़ा ठिकाना रही है. वहीं मरकज तैयबा जो मुरीदके में है, वहां भारत ने हमला करके हाफिज सईद के सबसे बड़े टेरर प्वाइंट को तहस नहस कर दिया है. इसीलिए सवाल उठा है कि क्या पंजाब में निकलते इस ताबूत का सीधा रिश्ता हाफिज सईद या मसूद अजहर से हो सकता है?
मुनीर से लेकर जरदारी तक ने भिजवाए फूल बताया गया कि जिस ऑपरेशन सिंदूर को वॉर रूम में बैठकर खुद प्रधानमंत्री देखते रहे, जिस ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम तक पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री लगातार तीनों सेना प्रमुख से पहले ही मिलकर निर्देश दे चुके थे. उसी निर्देश के तहत अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर में एक ऐसे आतंकवादी को भी मार गिराया गया, जिसकी मौत पाकिस्तान को सहन तक नहीं हो रही.

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