
'मणिपुर में बढ़ती जा रही है अवैध अप्रवासियों की संख्या, हमें अपने लोगों को बचाने की जरूरत', बोले CM बीरेन सिंह
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मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो दशकों में राज्य की जनसांख्यिकीय बदलावों की समीक्षा से पता चलता है कि एक समुदाय में जनसंख्या में तेजी से वृद्धि हुई है, जो पिछली सरकार की एक विवादास्पद नीति से जुड़ी है और इसमें पड़ोसी देश से अनियंत्रित अप्रवास की अनुमति दी गई थी.
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने एक बार फिर राज्य में अवैध अप्रवासियों का मुद्दा उठाया है. उन्होंने कहा कि हमें अपनी ज़मीन और लोगों को बचाने की ज़रूरत है और हम ऐसा करेंगे. सीएम ने कहा कि मणिपुर में अवैध अप्रवास एक गंभीर मुद्दा है जिस पर तुरंत ध्यान देने की ज़रूरत है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो दशकों में राज्य की जनसांख्यिकीय बदलावों की समीक्षा से पता चलता है कि एक समुदाय में जनसंख्या में तेजी से वृद्धि हुई है, जो पिछली सरकार की एक विवादास्पद नीति से जुड़ी है और इसमें पड़ोसी देश से अनियंत्रित अप्रवास की अनुमति दी गई थी.
अपने देश में अल्पसंख्यक- सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर यही क्रम जारी रहता है तो यह हमारे स्वदेशी समुदायों के भविष्य को खतरे में डाल सकती है, जिससे हमारे अपने लोग अपनी ही ज़मीन पर अल्पसंख्यक बन सकते हैं. उन्होंने कहा कि हम सभी के लिए इस मुद्दे को हल करना होगा. सख्त अप्रवास नीतियों को लागू करना और अपने राज्य के जनसांख्यिकीय संतुलन और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करना महत्वपूर्ण है.
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सीएम ने बताया कि मार्च 2023 में मंत्री लेतपाओ हाओकिप के नेतृत्व में अवैध अप्रवासियों की पहचान पर एक कैबिनेट उप-समिति ने अन्य सदस्यों के साथ राज्य में अवैध अप्रवास की स्थिति का आकलन करने के लिए पांच पहाड़ी जिलों का दौरा किया था. इस दौरान कुल 2,480 अवैध म्यांमार अप्रवासियों की पहचान की गई थी.

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