
भौगोलिक परिस्थितियां, खराब मौसम और हर पल खतरा... चुनाव के बीच आतंकी घुसपैठ रोकने के लिए LOC पर मुस्तैद हैं सुरक्षाकर्मी
AajTak
रूख़ी-पथरीली पहाड़ियां और घने जंगल, इन दुर्गम स्थानों पर भारतीय सेना के जवान आतंकियों की घुसपैठ रोकने के लिए हर संभव कोशिश में जुटे हुए हैं. यहां की भौगोलिक परिस्थितियां दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण जगहों में से एक हैं. लेकिन, यहां की कठिनाइयां केवल प्रकृति से ही नहीं हैं, बल्कि सीमापार से होने वाली आतंकवाद की गतिविधियों से भी हैं.
पीर पंजाल रेंज के दक्षिण में हाल के महीनों में आतंकियों की घुसपैठ की कोशिशें लगातार बढ़ी हैं. इस बीच आजतक ने एलओसी के पास भारतीय सेना की एक अग्रिम चौकी का जायजा लिया, जहां से पाकिस्तान के साथ सटी सीमा पर नजर रखी जा रही है. इस पोस्ट पर सेना की एक मजबूत और अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है, जिसमें निगरानी उपकरण, मोशन सेंसर और आधुनिक हथियार शामिल हैं. इन कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और मौसम की चुनौतियों के बीच भारतीय सेना के जवान अपने अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं.
कठिन परिस्थितियों में डटे जवान
रूख़ी-पथरीली पहाड़ियां और घने जंगल, इन दुर्गम स्थानों पर भारतीय सेना के जवान आतंकियों की घुसपैठ रोकने के लिए हर संभव कोशिश में जुटे हुए हैं. यहां की भौगोलिक परिस्थितियां दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण जगहों में से एक हैं. लेकिन, यहां की कठिनाइयां केवल प्रकृति से ही नहीं हैं, बल्कि सीमापार से होने वाली आतंकवाद की गतिविधियों से भी हैं. भारतीय सेना की बहुस्तरीय रक्षा प्रणाली में अत्याधुनिक उपकरण, थर्मल इमेजर्स और नाइट विजन कैमरे शामिल हैं, जो लगातार सीमा पर किसी भी गतिविधि पर नज़र बनाए रखते हैं.
खराब मौसम के बावजूद जवान सतर्क भले ही मौसम कितना भी खराब हो, चाहे कड़ाके की ठंड हो या मूसलधार बारिश, भारतीय सेना के जवान हर पल सतर्क रहते हैं. सीमा पर तैनात ये जवान सुनिश्चित करते हैं कि कोई भी आतंकवादी भारतीय सीमा में घुसपैठ न कर सके. एलओसी पर लगी बाड़ और अन्य सुरक्षा उपायों के साथ-साथ जवानों का साहस और कर्तव्यनिष्ठा ही है जो देश को सुरक्षित बनाए रखता है. एलओसी के इस इलाके में मौसम बेहद खराब है, और जमीन ऊबड़-खाबड़ भी है. यहां पर सेना को गश्त के दौरान कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. सेना के अधिकारी बताते हैं कि दुर्गम इलाकों में काम करना बेहद चुनौतीपूर्ण है, लेकिन जवानों का हौसला और उनकी ट्रेनिंग उन्हें हर कठिनाई से पार पाने में सक्षम बनाती है.
भारतीय सेना को एलओसी पर सुरक्षा के लिए केवल मैन पावर पर ही निर्भर नहीं रहना है. यहां नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. सेना के एंटी-इन्फिल्ट्रेशन ग्रिड में अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली, ड्रोन, मोशन सेंसर और अन्य उपकरण शामिल हैं. ये तकनीक घुसपैठ की कोशिशों को सटीकता से पहचानने और तुरंत कार्रवाई करने में मदद करती है. लेकिन, इन तकनीकी उपायों के साथ ही जवानों का साहस और उनकी सतर्कता ही इस सुरक्षा प्रणाली को प्रभावी बनाते हैं.
फॉरवर्ड पोस्ट और आतंकवादी चुनौतियाँ

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.








