
भूकंप के झटकों से दहला इंडोनेशिया, रिक्टर पैमाने पर 6.0 रही तीव्रता
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इंडोनेशिया में इससे पहले इंडोनेशिया में इसी साल अप्रैल में भूकंप के झटके लगे थे. इंडोनेशिया की जियोफिजिक्स एजेंसी के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 7.3 मापी गई थी. इस भूकंप के साथ ही करीब दो घंटे तक सुनामी की चेतावनी भी जारी कर दी गई थी. सुनामी की चेतावनी जारी होते ही स्थानीय अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्र के निवासियों को तुरंत तट से दूर जाने का निर्देश देने के लिए कहा गया था.
इंडोनेशिया सोमवार को भूकंप के झटकों से दहल उठा. भूकंप के झटके टरनेट में महसूस किए गए. रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 6.0 रही.
इससे पहले इंडोनेशिया में इसी साल अप्रैल में भूकंप के झटके लगे थे. इंडोनेशिया की जियोफिजिक्स एजेंसी के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 7.3 मापी गई थी. इस भूकंप के साथ ही करीब दो घंटे तक सुनामी की चेतावनी भी जारी कर दी गई थी. सुनामी की चेतावनी जारी होते ही स्थानीय अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्र के निवासियों को तुरंत तट से दूर जाने का निर्देश देने के लिए कहा गया था. हालांकि इसे बाद में हटा लिया गया. यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) ने पहले भूकंप की तीव्रता 6.9 बताई थी.
क्यों आता है भूकंप?
धरती के अंदर सात टेक्टोनिक प्लेट्स हैं. ये प्लेट्स लगातार घूमती रहती हैं. जब ये प्लेट आपस में टकराती हैं, रगड़ती हैं. एकदूसरे के ऊपर चढ़ती या उनसे दूर जाती हैं, तब जमीन हिलने लगती है. इसे ही भूकंप कहते हैं. भूकंप को नापने के लिए रिक्टर पैमाने का इस्तेमाल करते हैं. जिसे रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल कहते हैं.
रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल 1 से 9 तक होती है. भूकंप की तीव्रता को उसके केंद्र यानी एपीसेंटर से नापा जाता है. यानी उस केंद्र से निकलने वाली ऊर्जा को इसी स्केल पर मापा जाता है. 1 यानी कम तीव्रता की ऊर्जा निकल रही है. 9 यानी सबसे ज्यादा. बेहद भयावह और तबाही वाली लहर. ये दूर जाते-जाते कमजोर होती जाती हैं. अगर रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 7 दिखती है तो उसके आसपास के 40 किलोमीटर के दायरे में तेज झटका होता है.
कितने प्रकार के होते हैं भूकंप?

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