
भीषण ठंड की वजह से बंद रहेंगे रांची और जमशेदपुर के सभी स्कूल, जान लीजिए खुलने की तारीख
AajTak
झारखंड में बढ़ती ठंड और शीतलहर को देखते हुए रांची और जमशेदपुर के सभी स्कूलों को 6 जनवरी तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है. IMD की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन ने यह फैसला लिया. KG से 12वीं तक की कक्षाएं स्थगित रहेंगी, जबकि बोर्ड परीक्षाओं और 10वीं-12वीं की कक्षाओं को लेकर स्कूलों को विवेकाधिकार दिया गया है.
झारखंड में भीषण ठंड और शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए रांची और जमशेदपुर के सभी स्कूलों को 6 जनवरी तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है. यह फैसला मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी चेतावनी के बाद लिया गया है. राज्य के कई हिस्सों में भीषण ठंड और शीतलहर की चेतावनी दी गई है.
रांची और जमशेदपुर के सभी स्कूल 6 जनवरी तक बंद
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक प्रशासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि रांची और जमशेदपुर जिले में बच्चों से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियां 6 जनवरी तक स्थगित रहेंगी. यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा-163 के तहत जारी किया गया है.
मौसम विभाग ने रांची जिले के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है, जो अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा. लगातार गिरते तापमान और सुबह-शाम घने कोहरे के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने यह एहतियाती कदम उठाया है.
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि इस अवधि के दौरान किसी स्कूल में परीक्षाएं निर्धारित हैं, तो स्कूल प्रबंधन को परीक्षा आयोजित करने या न करने का विवेकाधिकार दिया गया है. इसके अलावा, कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए कक्षाएं स्कूल प्रशासन की आवश्यकता और परिस्थितियों के अनुसार आयोजित की जा सकती हैं.
KG से 12वीं तक की कक्षाएं स्थगित

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक से सारे शहर में सन्नाटा पसरा है. जिस अस्पताल में कभी हजार से ज्यादा मरीज थे वो इमारत अब खंडहर में तब्दीर हो गई है. चारों ओर सिर्फ आग और धुंए का गुबार दिख रहा है. इस हमले से 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और 250 से ज्यादा लोग घायल हो चुके है.

पाकिस्तान ने रात के अंधेरे में अफगानिस्तान पर एक बार फिर हमला बोला है. पाकिस्तान ने ये एयरस्ट्राइक अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक नशा मुक्त केंद्र अस्पताल पर किया है. इस हमले में अबतक 400 से ज्यादा मासूमों की मौत हो गई है, वहीं 250 से ज्यादा घायल बताए जा रहे है. वहीं अस्पताल पर हमले के आरोप से पाकिस्तान ने इनकार किया है.

वृंदावन में बंदरों की शरारतें अब सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी चुनौती बन गई हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के तीन दिवसीय दौरे से पहले चश्मा छीनने वाले बंदरों को काबू में रखने के लिए अनोखा उपाय किया गया है. वन्यजीव कानूनों के चलते असली लंगूरों की तैनाती संभव नहीं होने पर अब लंगूरों के कटआउट और विशेष टीमों के जरिए सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी.










