
'भारत में हिंदू मुस्लिमों के साथ...', अपने ही देश पर भड़के फवाद चौधरी
AajTak
पाकिस्तानी नेता फवाद चौधरी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट शेयर करते हुए कट्टरपंथियों की आलोचना की है. इस पोस्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के इस्लामाबाद में एक दिव्यांग हिंदू छात्र के साथ दुर्व्यवहार किया गया. बकरीद के मौके पर कट्टरपंथियों का एक समूह उसके कमरे में जबर्दस्ती घुस आया. इस दौरान कट्टरपंथियों ने हिंदू छात्र पर कलमा पढ़ने का दबाव डाला.
पाकिस्तान में अक्सर अल्पसंख्यकों को कट्टरपंथियों की ज्यादती का सामना करना पड़ता है. वहां रहने वाले हिंदुओं के साथ-साथ सिख धर्म के लोगों पर भी आए दिन जुल्म ढाए जाने की खबरें आती रहती हैं. पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से ऐसा एक और मामला सामने आ रहा है. यहां पर कट्टरपंथियों के समूह ने एक दिव्यांग हिंदू छात्र के साथ दुर्व्यवहार किया है.
कट्टरपंथियों ने कहा कलमा पढ़ो, धर्म बदलो
सोरथ सिंधु नाम की एक पाकिस्तानी X यूजर ने राहुल देसर नाम के हिंदू युवक के सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट का स्क्रीनशॉट ट्वीट किया है. इस पोस्ट के मुताबिक, राहुल देसर का दिव्यांग छोटा भाई हायर स्टडीज के लिए इस्लामाबाद में है. वह इस्लामाबाद के शाहीन I-8 नाम के प्राइवेट हॉस्टल में रहता है. कल बकरीद के मौके कुछ कट्टरपंथी उनके कमरे में घुस आए. उसके साथ कलमा पढ़ने के लिए जबर्दस्ती करने लगे. साथ ही हिंदू धर्म बदलने को लेकर भी दबाव डाला. इसके अलावा वे अपने साथ हिंदू छात्र के कमरे में बीफ भी लेकर पहुंचे हुए थे.
हॉस्टल के वॉचमैन ने कट्टरपंथियों का दिया साथ
राहुल देसर के मुताबिक, हॉस्टल में उनके भाई के साथ दुर्व्यवहार करने वाले कट्टरपंथियों की मदद हॉस्टल के ही वॉचमैन ने की. उसने ही एक हिंदू छात्र के हॉस्टल में रहने की जानकारी कट्टरपंथियों को दी थी. राहुल देसर का कहना है कि उनके भाई की सुरक्षा पर खतरा है. पाकिस्तान में इस तरह की घटनाएं आम हो गई हैं. वे सब इससे थक चुके हैं.
फवाद अहमद हुसैन चौधरी ने कट्टरपंथियों की आलोचना की

ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे यूरोप से प्यार है लेकिन वह सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है. दुनिया हमें फॉलो कर बर्बादी के रास्ते से बच सकती है. मैंने कई मुल्कों को बर्बाद होते देखा है. यूरोप में मास माइग्रेशन हो रहा है. अभी वो समझ नहीं रहे हैं कि इसके क्या-क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं. यूरोपीयन यूनियन को मेरी सरकार से सीखना चाहिए.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में ग्रीनलैंड को लेकर बड़ा प्रस्ताव रखा है. उन्होंने साफ कहा है कि अगर ग्रीनलैंड अमेरिका को नहीं दिया गया तो वे यूरोप के आठ बड़े देशों पर टैरिफ लगाएं जाएंगे. इस स्थिति ने यूरोप और डेनमार्क को ट्रंप के खिलाफ खड़ा कर दिया है. यूरोप और डेनमार्क ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ट्रंप के इस ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करेंगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान को एक तकनीकी खराबी की वजह से वापस वाशिंगटन लौट आया. विमान को ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में सुरक्षित उतारा गया. ट्रंप के एयर फोर्स वन विमान में तकनीकि खराबी की वजह से ऐसा करना पड़ा. विमान के चालक दल ने उड़ान भरने के तुरंत बाद उसमें एक मामूली बिजली खराबी की पहचान की थी. राष्ट्रपति ट्रंप वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक में शिरकत करने के लिए स्विट्ज़रलैंड के दावोस जा रहे थे.

ग्रीनलैंड में आजादी की मांग दशकों से चल रही है. फिलहाल यह द्वीप देश डेनमार्क के अधीन अर्ध स्वायत्त तरीके से काम करता है. मतलब घरेलू मामलों को ग्रीनलैंडर्स देखते हैं, लेकिन फॉरेन पॉलिसी और रक्षा विभाग डेनमार्क सरकार के पास हैं. अब कयास लग रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद के बीच वहां अलगाववाद को और हवा मिलेगी.

स्विटजरलैंड के दावोस में चल रहे WEF की बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप को बताया कि अमेरिका जैसी शक्ति को क्यों कानून आधारित वर्ल्ड ऑर्डर का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में बहुपक्षवाद के बिखरने का डर सता रहा है. मैक्रों ने कहा कि दुनिया में जोर जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की जरूरत है.

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के दावोस भाषण ने उस धारणा को तोड़ दिया कि वेस्टर्न ऑर्डर निष्पक्ष और नियमों पर चलने वाली है. कार्नी ने साफ इशारा किया कि अमेरिका अब वैश्विक व्यवस्था को संभालने वाली नहीं, बल्कि उसे बिगाड़ने वाली ताकत बन चुका है. ट्रंप के टैरिफ, धमकियों और दबाव की राजनीति के बीच मझोले देशों को उन्होंने सीधा संदेश दिया है- खुद को बदलो, नहीं तो बर्बाद हो जाओगे.







