
भारत में विदेशी फिल्मों की शूटिंग करने पर मिलेंगे 2.50 करोड़ रुपए, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का ऐलान
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भारत में विदेशी फिल्मों की शूटिंग को बढ़ावा देने की कवायद शुरू कर दी गई. बुधवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने दो बड़े ऐलान किए. उन्होंने कहा कि भारत में विदेशी फिल्मों की शूटिंग करने पर 2.5 करोड़ रुपए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी.
फ्रांस में मंगलवार को रंगारंग अंदाज में कान फिल्म फेस्टिवल का आगाज हो गया है. इसमें शामिल होने पहुंचे केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बुधवार को बड़ी घोषणा की है. अनुराग ठाकुर ने कहा कि भारत में विदेशी फिल्मों की शूटिंग को बढ़ावा दिया जाएगा. इसके लिए ढाई करोड़ रुपए तक प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. ठाकुर ने यहां इंडिया पवेलियन का उद्घाटन भी किया.
मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि भारत में विदेशी फिल्मों की शूटिंग को बढ़ावा दिया जाएगा. इसके लिए सरकार तमाम सहूलियतें देगी. भारत में विदेशी फिल्मों की शूटिंग के लिए 2.50 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि देगी. इसके साथ ही को-प्रोडक्शन के लिए 2 करोड़ तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा. ठाकुर ने यहां भारतीय पवेलियन का उद्घाटन किया. इसके साथ ही IFFI के 53वें एडिशन के पोस्टर का अनावरण किया.
#IndiaAtCannes🎬 I'm delighted to announce today in #Cannes an incentive scheme for audio-visual co-production & shooting of foreign films in India with a cash incentive of up to 30% with a cap of💲260,000: I&B Minister @ianuragthakur pic.twitter.com/defiZDQxY6
अनुराग ठाकुर ने कहा कि भारतीय सिनेमा मानवीय प्रतिभा, विजय और नए भारत की कहानी है. पिछले सात दशकों में सिनेमा हमारे सॉफ्ट पावर के साधन के रूप में उभरा है. वहीं, फ्रांस में भारतीय राजदूत जावेद अशरफ ने कहा कि भारतीय सिनेमा ने दुनिया को भारत को बेहतर तरीके से जानने में मदद की है.
बता दें कि केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर सबसे बड़े भारतीय दल के साथ कान्स फेस्टिवल में शामिल होने पहुंचे हैं. पहली बार भारत को कंट्री ऑफ ऑनर का दर्जा दिया गया है. इसी साल से कान्स फिल्म फेस्टिवल में कंट्री ऑफ ऑनर की परंपरा शुरू की गई है. यह सम्मान उस समय मिल रहा है जब फ्रांस और भारत अपने कूटनीतिक संबंधों के 75 साल पूरे कर रहे हैं. फिल्म जगत के सबसे पुराने महोत्सवों में से एक कान्स फिल्म फेस्टिवल 28 मई तक चलेगा.

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