
भारत का वो प्रोजेक्ट जिसे लेकर भिड़ गए तालिबानी और हक्कानी!
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संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि तालिबान और हक्कानी नेटवर्क के बीच अनबन है. ये अनबन कई अहम आर्थिक प्रोजेक्ट्स पर नियंत्रण को लेकर हो रही है. इनमें तापी प्रोजेक्ट भी शामिल है, जिसमें भारत हिस्सेदार है.
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार में आपसी तनाव बढ़ गया है. ये तनाव अफगानिस्तान में चल रहे अहम आर्थिक प्रोजेक्ट्स पर नियंत्रण को लेकर है. इनमें से एक तापी प्रोजेक्ट भी है, जिसमें भारत भी हिस्सेदार है.
दरअसल, हक्कानी नेटवर्क का मुखिया और तालिबान सरकार में कार्यवाहक गृह मंत्री सिराजुद्दीन हक्कानी तापी प्रोजेक्ट पर अपना नियंत्रण चाहता है. लेकिन कार्यवाहक उप प्रधानमंत्री मुल्ला बरादर उसके प्लान को फेल करने में जुटा है.
दरअसल, संयुक्त राष्ट्र ने एक रिपोर्ट में दावा किया है कि हक्कानी अफगानिस्तान में चल रही अहम आर्थिक परियोजनाओं पर अपना नियंत्रण लेना चाहता है. इनमें तुर्कमेनिस्तान-अफगानिस्तान-पाकिस्तान-इंडिया (TAPI) प्रोजेक्ट भी शामिल है.
रिपोर्ट में क्या कहा गया?
- संयुक्त राष्ट्र ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि सिराजुद्दीन हक्कानी और मुल्ला बरादर के बीच कथित तौर पर अनबन चल रही है.
- रिपोर्ट में कहा गया है कि हक्कानी अफगानिस्तान में चल रहे बड़े प्रोजेक्ट्स पर नियंत्रण की मांग कर रहा है. खासकर कि तापी प्रोजेक्ट.

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