
भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी को आनन-फानन में लंदन की निजी जेल क्यों भेजा गया?
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भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी को असफल प्रत्यर्पण से जुड़ी कार्यवाही के संबंध में लंदन में हाईकोर्ट द्वारा लगाए गए 150,247.00 पाउंड के जुर्माने के संबंध में मजिस्ट्रेट की अदालत में सुनवाई के लिए पेश होना था. लेकिन मामले को आखिरी वक्त में नवंबर तक के लिए स्थगित करना पड़ा.
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भारत के भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी करो लंदन की एक निजी जेल में ट्रांसफर किया गया है. नीरव को लंदन की जिस जेल में ट्रांसफर किया गया है. वह ब्रिटेन की सबसे बड़ी और सबसे अधिक भीड़भाड़ वाली जेलों में से एक है.
नीरव (52) को असफल प्रत्यर्पण से जुड़ी कार्यवाही के संबंध में लंदन में हाईकोर्ट द्वारा लगाए गए 150,247.00 पाउंड के जुर्माने के संबंध में मजिस्ट्रेट की अदालत में सुनवाई के लिए पेश होना था. लेकिन मामले को आखिरी वक्त में नवंबर तक के लिए स्थगित करना पड़ा.
हालांकि, मामले को अंतिम क्षण में नवंबर तक के लिए स्थगित करना पड़ा. नीरव को आंतरिक स्थानांतरण के तहत एचएमपी वैंड्सवर्थ से एचएमपी टेम्ससाइड में ट्रांसफर कर दिया गया था, जिसके बारे में अदालत को आज तक जानकारी नहीं थी.
बता दें कि वैंड्सवर्थ जेल से एक संदिग्ध आतंकवादी फरार हो गया था, जिसके बाद उसकी तलाशी के लिए अभियान शुरू किया गया था. इसके बाद ही नीरव को प्राइवेट जेल में ट्रांसफर करने की सूचना मिली.
हालांकि, बाद में डेनियल खलीफ को पकड़ लिया गया. ब्रिटेन के न्याय मंत्री एलेक्स चॉक ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि सुरक्षा में चूक के बाद जेल से 40 कैदियों को स्थानांतरित किया गया है.
इससे ऐसा लगता है कि नीरव भी उन 40 कैदियों में था और दक्षिण पश्चिम लंदन में उसे अब टेम्ससाइड जेल में रखा गया है. इस जेल में भी कथित रूप में अधिक संख्या में कैदी बंद हैं.

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