
ब्रह्मांड में इंसान अकेले जीव नहीं है, अन्य ग्रहों पर भी मिले हैं जीवन के संकेतः पूर्व NASA साइंटिस्ट का दावा
AajTak
पूर्व नासा साइंटिस्ट और एयरोस्पेस इंजीनियर डॉ. अनीता सेनगुप्ता ने कहा कि इंसान मंगल पर बस्ती जरूर बनाएगा. क्योंकि सिर्फ धरती ही नहीं सौर मंडल के अंदर और बाहर कई ऐसे ग्रह हैं जहां पर जीवन संभव है. इंसान ब्रह्मांड में रहने वाला अकेला जीव नहीं है. अन्य ग्रहों पर भी जीवन हो सकता है.
पूर्व नासा साइंटिस्ट और एयरोस्पेस इंजीनियर डॉ. अनीता सेनगुप्ता वो महिला हैं, जिन्होंने नासा के क्यूरियोसिटी रोवर की लैंडिंग के लिए पैराशूट मॉड्यूल डेवलप किया था. इसके बारे में बात करते समय उन्होंने कहा कि मंगल ग्रह पर रोवर को लैंड कराना सबसे डरावना और सबसे एक्साइटिंग पल था. सात मिनट तो बेहद डरावने हैं. हम दूसरी इमारत में थे. हम मिशन की टेलीमेट्री देख रहे थे. हम हर पैरामीटर्स पर नजर रख रहे थे. पैराशूट को विकसित करना मेरे करियर का सबसे बड़ा मौका था.
छह साल की उम्र में कैसे ख्याल आया कि आप साइंटिस्ट बनना चाहती है? इसके जवाब में डॉ. सेनगुप्ता ने कहा कि मैंने स्टारट्रेक देखा था. मेरे पिता जी इंजीनियर थे. तब मैंने उनसे कहा था कि मुझे एस्ट्रोफिजिसिस्ट बनना है. डॉ. सेनगुप्ता इंडिया टुडे कॉन्क्लेव के दूसरे और अंतिम दिन के सेसन प्लग एंड फ्लाईः ऑन मार्स लैंडिंग एंड इन्वेंटिंग इलेक्ट्रिक प्लेन्स ऑन अर्थ, फ्रॉम अ वुमन ऑन द फ्रंटलाइंस ऑफ बोथ में बोल रही थीं.
इंसान मंगल पर क्यों जाना चाहता हैं? डॉ. अनीता सेनगुप्ता ने कहा कि इंसान की फितरत है कि वो खोज करता है. समुद्र में जाता है. रेगिस्तानों में खोजता है. हम मंगल ग्रह पर इसलिए जाना चाहते हैं क्योंकि हमें वहां बस्ती बसानी है. इंसानों की खोज की फितरत ही उसे आगे बढ़ाती है. हमें अन्य ग्रहों पर जीवन खोजना है.
दूसरे ग्रहों पर जीवन संभव, भले ही एक कोशिका वाले जीव हों
डॉ. अनीता सेनगुप्ता ने कहा कि हमने यह कभी नहीं माना कि हम सौर मंडल में रहने वाले अकेले जीव हैं.बृहस्पति के चांद यूरोपा पर भी जीवन हो सकता है. क्योंकि वहां पर बर्फीले समुद्र है. हो सकता है कि एलियन जीवन हो वहां पर. शनि के चांद पर भी ऑर्गेनिक मटेरियल है. वहां पर भी जीवन हो सकता है. सिंगल सेल ऑर्गेनिज्म हो सकते हैं. इन जगहों पर.

अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस,इजरायल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले की गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है. मेन टारगेट न्यूक्लियर साइट्स (फोर्डो, नंटाज, इस्फाहान), IRGC कमांडर्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रीज और स्ट्रैटेजिक बेस हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनों और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर धमकी दी है, लेकिन अभी हमला नहीं हुआ. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.







