
बुर्ज दुबई से बुर्ज खलीफा बनने की कहानी, राष्ट्रपति शेख खलीफा से क्या था कनेक्शन?
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संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख खलीफा बिन जायद अल नाहयान का निधन हो गया है. उनका एक लंबा राजनीतिक करियर रहा और उन्होंने मुश्किल समय में दुबई की भी बड़ी मदद की थी.
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख खलीफा बिन जायद अल नाहयान का निधन हो गया है. 73 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली है. उनके निधन से पूरी दुनिया में शोक की लहर है और UAE में चालीस दिन का शोक घोषित कर दिया गया है.
अब वैसे तो राष्ट्रपति रहे शेख खलीफा सक्रिय राजनीति में पिछले कई सालों से नहीं थे, उनकी ज्यादा जिम्मेदारियां भी उनके भाई मोहम्मद बिन जायद संभाल रहे थे. लेकिन समय-समय पर शेख खलीफा ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई थी. ऐसा ही एक वक्त साल 2009 में भी आय था जब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था धीमी पड़ गई थी. संयुक्त अरब अमीरात में अर्थव्यवस्था चरमरा गई थी. उस समय दुबई में भी आर्थिक संकट बड़ा बन गया था. ऐसे में तब UAE ने $20 बिलियन का बेल ऑउट पैकेज देकर दुबई को डिफॉल्टर बनने से बचा लिया था.
उस मदद की वजह से क्योंकि दुबई फिर अपने पैरों पर खड़ा हो पाया, ऐसे में उसने बुर्ज दुबई का नाम बदलकर बुर्ज खलीफा कर दिया. ऐसा कर उनकी तरफ से शेख खलीफा बिन जायद अल नाहयान के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया था. उनकी नजरों में उस मुश्किल समय में खलीफा की लीडरशिप और आर्थिक मदद ने दुबई को बचा लिया था.
शेख खलीफा के निजी जीवन की बात करें तो साल 1948 में उनका जन्म हुआ था. वे संयुक्त अरब अमीरात के दूसरे राष्ट्रपति और अबु धाबी के 16वें शासक थे. शेख खलीफा अपने पिता शेख जायद के सबसे बड़े बेटे थे. शेख ने राष्ट्रपति बनने के बाद संघीय सरकार और अबू धाबी सरकार का पुनर्गठन किया था.
वैसे अब जब वे इस दुनिया में नहीं है, तो सवाल ये भी उठ रहा है कि वे अपने पीछे कितनी संपत्ति छोड़ गए हैं. इसको लेकर कोई स्पष्ट आंकड़ा तो जारी नहीं किया गया है लेकिन 'द सन' की एक रिपोर्ट के मुताबिक 113 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति वे छोड़ गए हैं. वहीं उनका अगला उत्तरअधिकारी कौन होगा, इसको लेकर भी कोई ऐलान नहीं हुआ है लेकिन रेस में मोहम्मद बिन जायद सबसे आगे बताए जा रहे हैं.

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